रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बुधवार को बीएसई पर कारोबारी सत्र के दौरान 3.5 फीसदी चढ़कर 2,730 रुपये पर पहुंच गया और इस तरह पिछले दो कारोबारी सत्रों में यह सात फीसदी तक उछल गया। अच्छी आय की उम्मीद में कंपनी का शेयर चढ़ा है। मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिफाइनरी व मार्केटिंग कंपनी का शेयर अब 19 अक्टूबर 2021 की 2,750 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब है। बुधवार को यह शेयर अंत में 3.03 फीसदी की उछाल के साथ 2,718.40 रुपये पर बंद हुआ।
आरआईएल का एबिटा सालाना आधार पर 66.3 फीसदी की बढ़त के साथ 38,824 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जिसकी अगुआई मुख्य रूप से ऑयल टु केमिकल (ओ2सी) और डिजिटल सेवा क्षेत्र करेगा। तिमाही आधार पर यह 30.7 फीसदी बढऩे का अनुमान है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने नतीजे की समीक्षा संबंधी जारी नोट में ये बातें कही है।
रिफाइनिंग मार्जिन में बढ़ोतरी से ओ2सी का एबिटा तिमाही आधार पर 64 फीसदी बढ़कर 22,188 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है। ईऐंडपी एबिटा सालाना आधार पर 199.3 फीसदी सुधरकर 1,437 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने ये बातें कही।
ईलारा कैपिटल के विश्लेषकों ने कहा, आरआईएल चौथी तिमाही में सालाना आधार पर एबिटा में 38 फीसदी की उछाल दर्ज करेगी, जिसे मजबूत सकल रिफाइनिंग मार्जिन, जियो की आय में बढ़ोतरी और खुदरा मांग में सुधार से सहारा मिलेगा। चौथी तिमाही में जीआरएम 12.1 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है जबकि वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही में यह 7 डॉलर प्रति बैरल रहा था।
ब्रोकरेज ने कहा, जियो सालाना आधार पर एबिटा में 22 फीसदी की बढ़त दर्ज कर सकती है, जिसे एआरपीयू में 6 फीसदी की बढ़त से सहारा मिलेगा। खुदरा एबिटा 23 फीसदी बढ़ सकता है, जिसकी अगुआई ग्रोसरी व उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स करेगा।
मॉर्गन स्टैनली के विश्लेषकों ने कहा, चौथी तिमाही में ओ2सी एबिटा तिमाही आधार पर 5 फीसदी बढ़ेगा। इसके अलावा ब्रोकरेज का अनुमान है कि जीआरएम तिमाही आधार पर 10.5 डॉलर प्रति बैरल रहेगा।
साप्ताहिक चार्ट से संकेत मिलता है कि ट्रेंड लाइन प्रतिरोध करीब 2,714 रुपये के आसपास है, इसके ऊपर यह शेयर 2,770 रुपये पर पहुंच सकता है।
अगर तेज गिरावट होती है तो इस शेयर को 20 दिन के मूविंग एवरेज पर मजबूत समर्थन मिल सकता है, जो अभी 2,610 के स्तर पर है।