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टीसीएस : खर्च पर दोबारा विचार

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Last Updated- December 08, 2022 | 7:02 AM IST

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी (टीसीएस) मौजूदा वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण अपनी पूंजीगत खर्च योजनाओं पर पुनर्विचार कर रही है।
 
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी एस. रामादुरई ने हैदराबाद में इंटरनेट गवनर्स फोरम 2008 के दौरान एक अनौपचारिक बातचीत में मीडिया को बताया, ‘बुनियादी ढांचा विकास और प्रौद्योगिकी खरीद के संदर्भ में हमारी पूंजीगत खर्च योजनाएं टाली जा सकती हैं या इनमें विलंब हो सकता है।

इसके अलावा उत्पादकता सुधार, यात्रा, संचार और विद्युत इस्तेमाल आदि में खर्च में कटौती की जा रही है।’


उन्होंने कहा, ‘पूरे विश्व के सभी क्षेत्रों पर वित्तीय संकट छाया हुआ है। लंबे समय बाद कुछ अवसर पैदा हो सकते हैं, लेकिन निकट भविष्य में इस तरह की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।’

टीसीएस को अब खासकर अमेरिकी स्वास्थ्य क्षेत्र में अवसर तलाशने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) का टीसीएस के कुल राजस्व में अहम योगदान है।

रामादुरई बेसिस (बिजनेस एक्शन टु सपोर्ट द इन्फोर्मेशन सोसायटी) के चेयरमेन भी हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी इस साल कर्मचारी उपयोग दर में सुधार लाकर इसे 82-83 फीसदी करना चाहती है जो इस साल जुलाई-सितंबर की तिमाही के दौरान 81 फीसदी थी।

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First Published - December 3, 2008 | 11:20 PM IST

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