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ग्राहकों को लुभाने में जुट गई रिटेल कंपनियां

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Last Updated- December 09, 2022 | 4:30 PM IST

कंज्यूमर खर्च पर पड़ी मंदी की मार से हलकान भारतीय रिटेलर अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के रास्ते अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।


रिटेलर अपनी मंद पड़ी बिक्री को बढ़ाने के लिए शॉपिंग फेस्टिवल और भारी डिस्काउंट के रास्ते पर चलने की योजना बना रहे है। पिछले कुछ महीनों के दौरान ज्यादातर रिटेलरों को बिक्री में लगभग 25 फीसदी की गिरावट से जूझना पड़ा है।

ऐसे में ये रिटेलर ग्राहकों को स्टोरों तक लाने के लिए नए नए रास्ते अख्तियार कर रहे हैं। जहां विल्स लाइफस्टाईल और बाटा इंडिया जैसे रिटेलर डिजाइन और मकर्डाइजी डिस्प्ले के संदर्भ में स्टोरों को पुनर्गठित करने पर ध्यान दे रहे हैं।

वेस्टसाइड ग्राहकों को लुभाने के लिए स्पेशलिटी स्टोरों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। फ्यूचर गु्रप और स्पेंसर्स रिटेल बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहक-केंद्रित सामानों एवं गतिविधियों को महत्व दे रहे हैं।

आईटीसी लिमिटेड की रिटेलिंग इकाई विल्स लाइफस्टाइल के मुख्य कार्यकारी अतुल चंद ने कहा, ‘बाजार में ग्राहकों की आवक में 25 फीसदी तक की कमी आई है। ग्राहक सिर्फ जरूरी सामानों की ही खरीदारी कर रहे हैं।

हमारा फोकस उपभोक्ताओं को जीवंत उत्पादों की रेंज मुहैया कराने पर होगा। हम उनकी पसंद को ध्यान में रख कर उन्हें ज्यादा वैरायटी की पेशकश करेंगे और अपनी कस्टमर सर्विस को और उन्नत बनाएंगे।’

बाटा इंडिया अगले साल 60 नए स्टोर खोलेगी एवं मौजूदा 30 स्टोरों का कायाकल्प करेगी। कंपनी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रख कर स्टोरों की डिजाइन और मकर्ेंडाइज डिस्प्ले में बदलाव करेगी।

बाटा के चेयरमैन पी एम सिन्हा ने कहा, ‘हम 3,000 से 10,000 वर्ग फुट के आकार वाले बड़े स्टोरों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। ज्यादातर स्टोर फे्रंचाइजी द्वारा संचालित किए जाएंगे। इसकी साज-साा पर तकरीबन 2 करोड़ रुपये प्रति स्टोर का खर्च आएगा।’

टाटा समूह की रिटेल इकाई वेस्टसाइड  भी ग्राहकों को ध्यान में रख कर विशेष स्टोरों की स्थापना करेगी। वेस्टसाइड ने दिल्ली में हाल ही में महिलाओं के लिए ‘वेस्टसाइड वूमेन’ नाम से स्टोर खोला है।

 वेस्टसाइड ने पूरे भारत में कई स्पेशलिटी स्टोर खोलने की योजना बनाई है। यह पुरुषों एवं बच्चों के लिए भी स्पेशलिटी स्टोर खोलने की योजना बना रही है ताकि एक ही छत के नीचे पूरे परिवार की जरूरतें पूरी की जा सकें।

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी गिब्सन वेदमणि ने बताया, ‘मौजूदा मंदी 6 महीनों से ज्यादा समय तक जारी नहीं रहनी चाहिए। वैल्यू रिटेलर पहले ही पटरी पर आ चुके हैं।

रिटेलर ग्राहकों को लुभाने के लिए अगले कुछ महीनों में कीमतें भी घटा सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि रिटेलरों ने मांग बढ़ाने के लिए दिवाली और क्रिसमस के दौरान डिस्काउंट और एकमुश्त ऑफरों की झड़ी लगाई थी।

विश्लेषकों के मुताबिक यह एक ऐसा उद्योग है जिसमें रिटेलर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापन एवं विपणन कार्यक्रमों पर हर साल 10 अरब डॉलर से अधिक की रकम खर्च करते हैं।

आरपीजी समूह की रिटेल इकाई स्पेंसर्स रिटेल हाइपर फॉर्मेट के स्टोरों पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष छूट और कई तरह के ऑफरों की पेशकश की है।

मौजूदा समय में भारत में स्पेंसर्स के बड़े आकार के 32 स्टोर हैं और कंपनी ने मार्च 2009 तक यह संख्या बढ़ा कर 75 करने की योजना बनाई है। इसके अलावा स्पेंसर्स ने अपने छोटे स्टोरों की संख्या भी मार्च 2009 तक 368 से बढ़ा कर 900 करने की योजना बनाई है।

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First Published - January 1, 2009 | 10:49 PM IST

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