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रियल एस्टेट में किराया रुझान से काफी हद तक दिखेगी मांग की झलक

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:16 AM IST

खरीदारों से अटकी हुई मांग के कारण कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान रिहायशी मकानों की मांग में सुधार हुआ है। बड़ी और महंगी प्रॉपर्टी की मांग भी बढ़ी है। प्रमुख  प्रॉपर्टी डेवलपमेंट कंपनी हीरानंदानी कम्युनिटीज के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने राघवेंद्र कामत से बातचीत में रियल एस्टेट की दोनों श्रेणियों के परिदृश्य और प्रॉपर्टी क्षेत्र के लिए आगे की राह के बारे में विस्तृत चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
 
रिहायशी प्रॉपर्टी की अटकी हुई मांग के बारे में आप क्या कहेंगे? यह कब तक दिखेगी?
 
मैं समझता हूं कि अटकी हुई मांग फिलहाल बरकरार रहेगी क्योंकि मकान मानव की बुनियादी आवश्यकता है। अब हम 2020 अलविदा करने और 2021 का स्वागत करने के लिए तैयार हैं तो अटकी हुई मांग की अलग-अलग छटाएं दिख रही हैं। उदाहरण के लिए, अब तक किराये के मकान में रहने वाले मिलेनियल्स को खुद के मकान के महत्त्व का एहसास हुआ है क्योंकि उनके लिए किराये की अवधि अब खत्म हो रही है। ऐसे में वे खुद का मकान खरीदने की कोशिश करेंगे। इनमें से कुछ लोगों का रेंट एग्रीमेंट 2021 तक खत्म हो जाएंगे। हम विभिन्न श्रेणियों में इसी तरह का पैटर्न देखेंगे जहां वैश्विक महामारी और लॉकडाउन के कारण अटकी हुई मांग दिखेगी। 
 
किस प्रकार की रिहायशी प्रॉपर्टी की सबसे अधिक मांग दिख रही है?
 
हम पहली बार के मकान खरीदारों के बीच मझोले आकार के अपार्टमेंट की मांग देख रहे हैं। साथ ही बड़े लक्जरी अपार्टमेंट के लिए भी मांग बढ़ी है क्योंकि मकान खरीदार अपनी जीवन शैली और जीवन स्तर को बेहतर करना चाहते हैं। रहनसहन की नई आदतों जैसे घर से काम, घर से पढ़ाई, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती आदि के लिए मकानों में अधिक जगह की आवश्यकता दिख रही है। ऐसे में तैयार मकानों की 75 फीसदी मांग दिख रही है जबकि 25 फीसदी मांग निर्माणाधीन संपत्तियों की है। इसके अलावा ग्राहक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड और दमदार वित्तीय स्थिति वाले ब्रांडेड डेवलपरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। 
 
वाणिज्यिक रियल एस्टेट के लिए आपका क्या नजरिया है? साल 2021 में किराये की क्या स्थिति रहेगी?
 
वाणिज्यिक रियल एस्टेट की लगभग सामान्य स्थिति में वापसी हो जाएगी लेकिन विभिन्न श्रेणियों और सूक्ष्म बाजारों में सुधार की रफ्तार अलग-अलग होगी। किराया रुझान से काफी हद तक मांग की झलक दिखेगी। प्रीमियम प्रॉपर्टीज की मांग लगातार बनी रहेगी जबकि किराये में स्थिरता बरकरार रहेगी जो मांग-आपूर्ति अनुपात को दर्शाएगी। टीकाकरण शुरू होने ही वाला है और उससे वाणिज्यिक स्पेस के लिए सकारात्मक नजरिये को बढ़ावा मिलेगा। खुदरा, मनोरंजन, आतिथ्य सेवा और एफऐंडबी जैसी श्रेणियों को कोविड-पूर्व स्तर तक लौटने में कहीं अधिक समय लगेगा। हालांकि टीका के कारण  निश्चित तौर पर उसमें एक बड़ा सकारात्मक बदलाव दिखेगा। 
 
बजट में रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए आप क्या चाहेंगे?
 
रियल एस्टेट क्षेत्र का पुनरुद्धार जीडीपी वृद्धि, अतिरिक्त रोजगार सृजन और घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों के निवेश के लिए आवश्यक है। वैश्विक महामारी के कारण इन क्षेत्रों ने संरचनात्मक या चक्रीय चुनौतियों का सामना किया है और इसलिए बजट की उम्मीद करों को युक्तिसंगत बनाने, कम किराया वाले मकानों को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन के लिए एसईजेड में विस्तार, नकदी प्रवाह के लिए नवोन्मेषी उपाय शुरू करने और कानूनी एवं नियामक ढांचे में कारोबारी सुगमता की अपेक्षा होगी।

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First Published - December 29, 2020 | 9:35 PM IST

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