प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने बाजार नियामक सेबी द्वारा फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्युचुंअल फंड (एफटी एमएफ) के खिलाफ दिए गए आदेश पर सोमवार को रोक लगाकर अंतरिम राहत प्रदान की है।
सैट ने फंड हाउस को दो साल तक नई डेट योजनाएं पेश करने के खिलाफ सेबी द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, सैट ने परिसंपत्ति प्रबंधक को सिर्फ 250 करोड़ रुपये जमा करने की अनुमति दी है, जबकि सेबी द्वारा उसे 512 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था।
7 जून को दिए गए आदेश में सेबी ने एफटी एमएफ को 512 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था, जो उसने जून 2018 और अप्रैल 2020 के बीच निवेश प्रबंधन तथा परामर्श शुल्क के तौर पर हासिल किए थे। सेबी ने अप्रैल 2020 में बंद हुईं 6 डेट योजनाओं में कई तरह की अनियमितताओं के लिए 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सैट ने कहा, ‘अपीलकर्ता को दो साल तक किसी तरह की डेट योजना पेश करने से रोकना न सिर्फ मनमाना निर्णय था बल्कि इससे अपीलकर्ता की व्यावसायिक गतिविधि भी प्रभावित हुई थी।’
सैट ने यह भी कहा, ‘यह भी तर्क दिया गया कि निवेश प्रबंधन और परामर्श शुल्क लौटाने का निर्णय पूरी तरह अनुचित था, और साथ ही अपीलकर्ता को संबंधित राशि 21 दिन के अंदर जमा करने को कहा गया, जबकि अपील दायर करने की वैधानिक अवधि 45 दिन है।’
एफटी एमटी शुक्रवार को सेबी आदेश के खिलाफ सैट में पहुंच गया था। एफटी एमटी और सेबी, दोनों की दलीलें सुनने के बाद सैट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा था।
सोमवार को दिए अपने आदेश में सैट ने कहा कि एफटी एमएफ इस व्यवसाय में दो दशक से भी ज्यादा समय से है और कुछ योजनाएं 10 साल से ज्यादा पुरानी थीं। ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई जिससे संकेत मिलता है कि अपीलकर्ता द्वारा योजनाओं का गलत प्रबंधन किया गया था।
उसने कहा कि एफटी एमएफ 48 इक्विटी और डेट योजनाएं चला रहा था, जिनमें से 28 डेट योजनाएं थीं, और उसके द्वारा 6 डेट योजनाओं को बंद गर दिया गया और इसलिए 21 डेट योजनाएं अभी भी चल रही हैं।
सैट ने कहा, ‘हमारा मानना है कि चूंकि 21 योजनाओं का प्रबंधन अपीलकर्ता द्वारा अभी भी किया जा रहा है और इन योजनाओं को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है और महज इस आधार पर उसे नई डेट योजनाएं पेश करने से नहीं रोका जाना चाहिए कि उसने 6 डेट योजनाएं बंद करने का निर्णय लिया।’
सैट ने 512 करोड़ रुपये जमा करराने के लिए एफटी एमएफ को दिए सेबी के आदेश को मनमाना करार दिया है।
सैट ने अब इस मामले का निर्णायक तौर पर निपटारा करने के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की है। एफटी एमएफ को चार सप्ताह के अंदर अपना जवाब देने को कहा गया है और सेबी उसके बाद तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल कर सकता है।