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बैकएंड स्टाफ घटाएगी रिलायंस रिटेल, बरकरार रहेंगे स्टोर कर्मी

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:42 AM IST

फ्यूचर समूह के रिटेल, लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग एवं थोक परिसंपत्तियों का करीब 25,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने के बाद रिलायंस रिटेल उसके कर्मचारियों को युक्तिसंगत बनाने की दिशा में पहल कर सकती है। इस मामले से अवगत लोगों का कहना है कि कंपनी बैकएंड परिचालन में कर्मचारियों की संख्या घटा सकती है जबकि स्टोर के कर्मचारियों को बरकरार रखा जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि बैकएंड परिचालन में प्रबंधकीय पदों पर कर्मचारियों की संख्या घटाई जा सकती है। फ्यूचर के कुल करीब 60,000 कर्मचारियों में से करीब 20 फीसदी कर्मचारी बैकएंड परिचालन में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि फ्यूचर के 80 फीसदी कर्मचारी स्टोर स्टाफ हैं जिन्हें बरकरार रखा जा सकता है क्योंकि फ्यूचर नेटवर्क के करीब 1,800 रिटेल स्टोर अब रिलायंस रिटेल का हिस्सा होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि सौदा पूरा होने के बाद रिलायंस सभी क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक तालमेल बिठाने पर ध्यान केंद्रित करेगी ताकि बेहतर मूल्य सुनिश्चित किया जाके। इसके तहत समान दिखने वाले पदों को खत्म करते हुए ताकत बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए रिलायंस रिटेल के अधिकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके।
टेक्नोपार्क के चेयरमैन अरविंद सिंघल ने कहा कि खुदरा कारोबार लोगों पर केंद्रित है और इसलिए फ्रंट एंड कर्मचारियों की काफी जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘अधिग्रहण के बाद कर्मचारियों की जो भी आवाजाही होगी वह कॉरपोरेट स्तर पर होगी।’
फ्यूचर के अधिग्रहण के बाद देश के करीब एक तिहाई संगठित खुदरा बाजार पर रिलायंस का वर्चस्व होगा और उसके दायरे में बिग बाजार, एफबीबी, ईजीडे, सेंट्रल एवं फूडहॉल सहित तमाम रिटेल फॉर्मेट होंगे। इसके साथ ही कंपनी की पहुंच बढ़कर 400 से अधिक शहरों तक हो जाएगी। विश्लेषकों ने कहा कि रिलायंस रिटेल के स्टोरों की संख्या बढ़कर 13,500 से अधिक हो जाएगी जिससे वह एक दिग्गज खुदरा कंपनी के तौर पर स्थापित हो जाएगी।
रिलायंस ने जियोमार्ट नाम से अपना एक नया वाणिज्य वेंचर भी शुरू किया है। इस मामले के जानकार लोगों का कहना है कि जियोमार्ट को रिलायंस देश के करीब 200 शहरों तक पहुंचा चुकी है और उसके परिचालन को रफ्तार देने के लिए उसे काफी लोगों की जरूरत पड़ेगी। ठीक उसी समय कंपनी अपने स्मार्ट पॉइंट नेटवर्क के तहत नेबरहुड स्टोर कॉन्सेप्ट को आगे बढ़ा रही है जिसके लिए भी उसे लोगों की आवश्यकता होगी।
रिलायंस रिटेल ने वित्त वर्ष 2020 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि वह फिजिकल स्टोरों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बी2बी चैनलों के जरिये देश के अछूते खपत बाजार में उल्लेखनीय हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने कह है, ‘हमारे बड़े पैमाने पर और तीव्र निष्पादन से खुदरा बाजार में वृद्धि को काफी रफ्तार मिली है।’
फ्यूचर के साथ सौदे को पूरे होने में छह से आठ महीने लगने की उम्मीद है क्योंकि लेनदेन को पूरा करने के लिए तमाम नियामकीय मंजूरियां हासिल करने की आवश्यकता होगी।

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First Published - September 2, 2020 | 12:37 AM IST

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