खाने पीने का सामान बनाने वाली कंपनियों पर भी मंदी का असर पड़ रहा है। देश में स्नैक्स बनाने वाली नामी कंपनी बालाजी वैफर्स प्राइवेट लिमिटेड की बिक्री में भी मंदी सेंध लगा रही है।
दिवाली के बाद से कंपनी की बिक्री में 20 फीसदी तक की गिरावट आई है।घटी बिक्री से परेशान कंपनी ने मंदी से निपटने के लिए सप्ताह में अपने काम के घंटे भी घटाए हैं।
बालाजी के तमाम संयंत्रों में हफ्ते में अब केवल चार दिन ही उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने पिछले दिनों अपने कारोबार में विस्तार किया था। उसने खास तौर पर राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अपने कारोबार को बढाया है।
कंपनी ने इस साल जून में दक्षिणी गुजरात के वलसाड में 35 एकड़ भूमि पर अपनी एक प्रसंस्करण इकाई भी लगाई है, जिससे उसकी उत्पादन क्षमता में अच्छा खासा इजाफा हो गया है।
कंपनी ने गुजरात, राजस्थान, गोवा और महाराष्ट्र में मांग में आ रही तेजी को पूरा करने के लिए तकरीबन 100 करोड़ रुपये का निवेश किया था। लेकिन अब उसे इस निवेश से रिटर्न मिलना मुश्किल लग रहा है।
बालाजी के निदेशक केयूर विरानी ने क हा कि सामान्य तौर पर शादी-विवाह के समय में उनकी बिक्री में 5 से 10 फीसदी की गिरावट आती है क्योंकि इस समय आवश्यकताएं कुछ कम हो जाती है,
लेकिन दिवाली के बाद तो बिक्री के आंकड़े 15 से 20 फीसदी कम हो गए हैं। विरानी ने बिक्री में आई गिरावट के लिए सीधे तौर पर मंदी को जिम्मेदार ठहराया।
विरानी ने कहा कि हम इस कठिन कारोबारी हालात से निपटने केलिए अपने काम के घंटों में कटौती का रास्ता अपना रहे हैं। बालाजी के राजकोट इकाई में प्रति घंटे 1,200 किलोग्राम स्नैक्स का उत्पादन होता है जबकि वलसाड इकाई की उत्पादन क्षमता प्रति घंटे 2,400 किलोग्राम है।
फिलहाल हर ओर खराब हालात को देखते हुए कंपनी सिर्फ घरेलू बाजार पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित क र रही है और बाजार सुधरने पर वैश्विक स्तर पर भी कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है।