भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (जीआईसी आरई) और न्यू इंडिया एश्योरेंस को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए व्यवस्थित रूप से महत्त्वपूर्ण बीमाकर्ता के तौर पर पहचान दी है।
ये बीमाकर्ता अब व्यवस्थित जोखिमों और नैतिक संकट मुद्दों का सामना करने के लिए अतिरिक्त नियामकीय उपायों के अधीन होंगे।
नियामक ने तीनों बीमा कंपनियों को अपने महत्व और आकार को देखते हुए अपने कॉर्पोरेट संचालन स्तर को ऊपर उठाने, सभी प्रासंगिक जोखिमों की पहचान करने और एक स्वस्थ जोखिम प्रबंधन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कहा है जो उन्हें ढहने से बचाने वाला संस्थान बनाएगा। ऐसे घरेलू बीमाकर्ता जिनका बाजार आकार, बाजार महत्व और देसी तथा वैश्विक अंतर्संपर्क उन्हें इतना बड़ा या इतना महत्त्वपूर्ण बनाता है कि उनके विफल होने पर घरेलू वित्त प्रणाली में भारी उथल पुथल मच जाएगी, को घरेलू व्यवस्थित रूप से महत्त्वपूर्ण बीमाकर्ता (डी-एसआईआई) के तौर पर चिह्नित किया जाता है। आईआरडीएआई ने कहा, ‘इसलिए डी-एसआईआई का लगातार सक्रिय रहना राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को अबाधित बीमा सेवाओं की उपलब्धता मुहैया कराने के लिए महत्त्वपूर्ण है।’ नियामक ने आगे कहा, ‘डी-एसआईआई को ऐसे बीमाकर्ता के तौर पर देखा जाता है जो इतने बड़े या इतने महत्त्वपूर्ण हैं कि वे ढह नहीं सकते। यह धारणा और सरकारी समर्थन की धारणागत उम्मीद जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ा सकता है।’