सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज लिमिटेड (एससीएसएल) की खातों में 2001 से 2009 के बीच धोखाधड़ी की कील ठोकी जा रही थी, और उसी वक्त कंपनी के संस्थापक बी. रामलिंग राजू और उनके परिवार के लोग सत्यम के शेयर की कीमतों में हेराफेरी कर पैसा बना रहे थे।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुताबिक शेयरों की हेराफेरी के जरिये राजू और उनके परिवारजनों ने 715 करोड़ रुपये बनाए। सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है, ‘ऐसा करते हुए उन्होंने एक तरफ निवेशकों के साथ धोखा किया है, वहीं दूसरी तरफ अपने ज्यादा से ज्यादा मुनाफे के तरजीह दी।’
715 करोड़ रुपये की इस हेराफेरी के एवज में परिवारजनों से रामलिंग राजू को 27.91 करोड़ रुपये और सत्यम के पूर्व प्रबंध निदेशक बी. रामा राजू को 26.68 करोड़ रुपये बतौर उपहार मिले। इसके अलावा इस हेराफेरी में सत्यम के संस्थापक को 26 करोड़ 67 लाख का अपना फायदा हुआ। ये सारे आंकड़े सीबीआई की चार्जशीट में उल्लिखित हैं।
सीबीआई के मुताबिक बी. सुब्रमण्यन राजू (रामलिंग राजू के भाई), उनकी पत्नी झांसी रानी और उनकी मां अप्पलानरसम्मा ने 17 अलग अलग खातों के जरिये इस हेराफेरी को अंजाम दिया। इस राशि को 17 अलग अलग डीमैट एकाउंट में जमा किया गया।
बाद में इन शेयरों की रकम पांच निवेशक कंपनियों, इलेम इन्वेस्टमेंट, हाई ग्रेस इन्वेस्टमेंट, फिनसिटी इन्वेस्टमेंट, हाई साउंड इन्वेस्टमेंट और वीयस इन्वेस्टमेंट के जरिये निकाली गई। ये पांचों कंपनियों रामलिंग राजू के इशारे पर चलती थी। इसमें ये शेयर प्रमोटरों द्वारा शेयर बेचने के नाम पर लेनदेन की जाती थी। इसके बाद सारे 19 एकाउंटों में शेयर के जरिये लगी हुई राशि को चेक के जरिये प्रमोटरों के खाते में डाल दी जाती थी।
सीबीआई ने कहा है कि सत्यम के संस्थापक और उनके भाई ने गलत तरीके से क्रमश: 21.05 करोड़ रुपये और 24.32 करोड़ रुपये का लाभांश भी हासिल किया। चार्जशीट में कहा गया है, ‘जब कंपनी क ा लाभ कम हो रहा था, उस समय ज्यादा लाभांश की घोषणा की गई।’
इसके अलावा सीबीआई ने कहा है कि रामलिंग राजू और उनके भाई ने क्रमश: 1.44 करोड़ रुपये और 1.34 करोड़ रुपये एससीसीएल से बतौर कमीशन प्राप्त किया।