सरकार ने कहा है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) हैदराबाद की स्थानीय अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करेगा ।
जिसमें उसने सत्यम के पूर्व अध्यक्ष बी. रामलिंग राजू और उनके भाई रामा राजू को एक दिन की हिरासत में उसे देने से इनकार कर दिया है।
कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा- सेबी की अर्जी में कुछ तकनीकी मसले थे लेकिन अब वह दोबारा अदालत में अपील कर सकता है।
सेबी ने राजू बंधुओं की एक दिन के लिए अपनी हिरासत में लेने की मांग की थी लेकिन 23 जनवरी को छठे अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट ने इस ठुकरा दिया था।
जेएसडब्ल्यू ने भी मायटास पर आंखें तरेरीं
इस्पात बनाने वाली निजी कंपनी जेएसडब्ल्यू ने कहा कि वह मायटास इन्फ्रा को दी गई 96 करोड़ रुपये की टाउनशिप परियोजना की समीक्षा करेगी।
उल्लेखनीय है कि मायटास का परिचालन सत्यम के संस्थापक रामलिंग राजू का दागी परिवार करता है, जो 7,800 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले जेएसडब्ल्यू समूह के मुख्य वित्त अधिकारी शेषगिरि राव ने कहा – मायटास ने कितना काम किया है, हम इसकी जांच करेंगे और एक हफ्ते के अंदर इस मामले में निर्णय करेंगे कि इस अनुबंध को रद्द किया जाए या नहीं।
मुख्य तौर पर इस्पात और बिजली के क्षेत्र में काम करने वाले जेएसडब्ल्यू समूह ने सितंबर 2007 में कर्नाटक के विजयनगर में एक टाउनशिप बनाने के लिए 53.60 करोड़ रुपये का मेटास को ऑर्डर दिया था।
आर-कॉम के खातों पर भी शुबहा!
दूरसंचार विभाग रिलायंस कम्युनिकेशंस व उसकी सहयोगी कंपनियों की विशेष जांच का जिम्मा मुंबई की ऑडिट फर्म पारेख एंड कंपनी को देने की तैयारी में है।
विभाग पता लगा रहा है कि लाइसेंस शुल्क से बचने के लिए आय जाहिर करने से जुड़े मानदंडों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।