रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर में प्रवर्तक हिस्सेदारी बढ़ाएंगे, दोनों कंपनियों के चेयरमैन अनिल अंबानी ने आज आयोजित वर्चुअल सालाना आम बैठक में शेयरधारकों से ये बातें कही। अंबानी ने शेयरधारकों से यह भी कहा कि रिलायंस पावर ने अपने कर्ज पर भुगतान के लिए मोहलत नहीं ली है और उन्होंने इस तरह की मोहलत को वित्तीय अर्थदंड करार दिया।
प्रवर्तक की योजना समय के साथ कंपनी की शेयरधारिता नियामकीय दिशानिर्देश के हिसाब से बढ़ाने की है। आर पावर और आर इन्फ्रा ने एजीएम के बारे में अलग-अलग बयान में ये बातें कही। समूह की दोनों कंपनियों के अलावा रिलायंस कैपिटल का एजीएम भी मंगलवार को डिजिटल तरीके से आयोजित किया गया था।
इस साल मार्च में रिलायंस इन्फ्रा में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 14.59 फीसदी थी और रिलायंस पावर में 19.29 फीसदी हिस्सेदारी। आज आयोजित सालाना आम बैठक में यह भी कहा गया कि समूह कंपनियों की योजना हाल में पेश वाणिज्यिक कोयला खनन के मौके में भाग लेने और इस वित्त वर्ष में आर इन्फ्रा को कर्ज मुक्त करने की है। अंबानी ने पहले कहा था कि आर इन्फ्रा को साल 2018 में कर्ज मुक्त करने की है, जो कंपनी का मुंबई बिजली वितरण कारोबार अदाणी ट्रांसमिशन को बेचने के बाद होगा। अंबानी ने कहा कि आर पावर हल्की पूंजी वाले सभी मौकों पर नजर डालेगी मसलन बिजली संयंत्रों का परिचालन व रखरखाव, कोयला खदानों के लिए खदान विकास सेवा और हाल में पेश वाणिज्यिक कोयला खनन का मौका।
एजीएम के बयान में कहा गया है, कोविड के कारण रिलायंस पावर ने अपनी किसी एसपीवी के लिए कर्ज चुकाने के लिए मिली मोहलत की सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि प्रबंधन को लगता है कि इस तरह की सुविधा लेना वित्तीय अर्थदंड होगा।
वेतन कटौती पर आर इन्फ्रा और आर पावर ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों ने 50 फीसदी तक वेतन कटौती पर सहमति जताई थी। इस बयान में यह भी कहा गया है कि अंबानी ने व्यक्तिगत तौर पर साल के लिए कमीशन व पारिश्रमिक नहीं लेने की घोषणा की है, जो उन्हें दोनों कंपनियों से मिलता है। नियोजित पूंजीगत खर्च के तहत रिलायंस पावर अपनी कोयला आधारित प्लांट में एफजीडी यूनिट लगाने पर 3,300 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
व्यक्तिगत फायदे की इच्छा नहीं : अनिल अंबानी
देसी व विदेशी लेनदारों की तरफ से बकाया भुगतान का सामना कर रहे अनिल अंबानी ने आज कहा कि हमारी भूमिका व इच्छा रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह की सहायता करना है, न कि व्यक्तिगत फायदा उठाना। रिलायंस पावर की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की। पिछले साल नवंबर में उन्होंने आरकॉम के निदेशक का पद छोड़ दिया था जब कंपनी को दिवालिया पंचाट ले जाया गया और ब्रिटिश अदालत ने चीन के तीन बैंकों को 70 करोड़ डॉलर चुकाने को कहा, जो कर्ज भुगतान में चूक से संबंधित था। अलग से भारतीय स्टेट बैंक ने भी आरकॉम से 1,200 करोड़ रुपये वसूलने के लिए दिवालिया अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसकी गारंटी अंबानी ने दी थी। अंबानी ने शेयरधारकों से कहा कि वह इन दावों के खिलाफ खुद का वचाव कर रहे हैं। बीएस