प्रशासनिक लेट-लतीफी और आर्थिक मंदी की वजह से आर्सेलर-मित्तल की भारत में दो स्टील प्लांट स्थापित करने की अपनी योजना में दो वर्षों की देरी हो सकती है।
पहले कंपनी को उम्मीद थी कि इन दोनों प्लांटों से 2012 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। कंपनी के भारतीय कारोबार के सीईओ विजय कुमार भटनागर ने फिक्की के एक समारोह में पत्रकारों को बताया कि, ‘उत्पादन 2014 से पहले शुरू नहीं हो पाएगा।’
दुनिया की इस सबसे बड़ी स्टील कंपनी ने उड़ीसा और झारखंड में दो स्टील प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई थी, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.4 करोड़ टन होती। कंपनी को इन दोनों परियोजनाओं पर 20-25 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान था।