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9 हवाईअड्डों पर विकास शुल्क वसूलने की तैयारी

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:02 AM IST

सरकार 9 और हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले यात्रियों से विकास शुल्क वसूलने पर विचार कर रही है।
चार हवाईअड्डों पर पहले ही यह विकास शुल्क लगाया जा चुका है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआईं) द्वारा 9 हवाईअड्डों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
इन हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले यात्रियों से विकास शुल्क वसूलने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे इन सरकारी हवाईअड्डों की नकदी की समस्या दूर हो सकेगी। सूत्रों ने कहा कि फिलहाल वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह विकास शुल्क 1 मई से सीमित अवधि के लिए लगाया जाएगा। अभी तक बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई के हवाईअड्डों पर यह विकास शुल्क वसूला जा रहा है। घरेलू उड़ानों के लिए विकास शुल्क के रूप में 200 से 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1,000 रुपये होगा।
एएआई द्वारा जिन हवाईअड्डों के आधुनिकीकरण का काम किया जा रहा है, उनमें कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, तिरुवनंतपुरम, अमृतसर और त्रिची शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि इन हवाईअड्डों के पास नकदी की किल्लत है।
आमदनी में गिरावट उड़ानों की संख्या में कटौती और यात्रियों की संख्या में कमी के कारण इनकी वित्तीय स्थिति खराब हुई है। इस साल के पहले तीन माह के दौरान यात्रियों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 12 फीसदी की गिरावट आई है।

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First Published - April 16, 2009 | 11:12 PM IST

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