बुधवार को इन्फोसिस की तरफ से सभी कर्मियों की वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति की घोषणा और उससे पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की तरफ से ऐसे ही ऐलान ने विश्लेषकों को चौंका दिया है। मौजूदा वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान करते हुए इन्फोसिस ने कहा कि वह 1 जनवरी से हर स्तर के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाएगी और पदोन्नति देगी। कंपनी ने यह भी कहा कि वह दूसरी तिमाही के लिए 100 फीसदी वैरिएबल पे और विशेष प्रोत्साहन का भुगतान भी करेगी।
आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर ने कहा, यह सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में नए युग की शुरुआत है। अभी उनके लिए स्थितियां निश्चित तौर पर सही है। कोविड-19 महामारी ने उनके डिजिटल कारोबार में इजाफा किया है और आगे भी ऐसा ही रहने की उम्मीद है। इन्फोसिस के बयान में आशावाद प्रतिबिंबित हुआ, जिसने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राजस्व बढ़ोतरी का अनुमान बढ़ाकर 2-3 फीसदी कर दिया, जो पहले 0-2 फीसदी बताया गया था।
और आंकड़े भी इस नजरिये का समर्थन करते हैं। उदाहरण के लिए इन्फोसिस के कुल राजस्व में डिजिटल राजस्व का योगदान प्रतिशत के लिहाज से दूसी तिमाही में 47.3 फीसदी पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 38.3 फीसदी व तिमाही दर तिमाही 44.5 फीसदी रहा था। इन्फोसिस के डिजिटल सेवा कारोबार में सेवा व समाधान की पेशकश शामिल है जो क्लाइंटों को कृत्रिम बौद्धिकता आधारित एनालिटिक्स और बिग डेटा, डिजिटल प्रॉडक्ट व इंटरनेट ऑफ थिंग्स में मदद करती है। साथ ही परंपरागत तकनीकी व्यवस्था के आधुनिकीकरण, क्लाउड ऐप्लिकेशन की ओर बढऩे और एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सिस्टम्स में उनकी मदद शामिल है।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व मुख्य निवेश अधिकारी जी चोकालिंगम ने कहा, कोविड-19 महामारी के दौरान आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर रहा है, ऐसे में वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति उचित है। हालांकि इसने चौंकाया है पर कर्मचारियों की मानसिक स्थिति की मजबूती के लिए यह ठीक है।
कुछ दिन पहले टीसीएस ने भी दूसरी तिमाही के नतीजे के ऐलान के समय ऐसी ही घोषणा की थी, जहां उसने 1 अक्टूबर से अपने कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी की योजना का खुलासा किया था। महामारी के कारण उपभोक्ताओं की जीवनशैली व प्राथमिकता में बदलाव को देखते हुए विश्लेषकों ने कहा, क्लाउड व डिजिटल सेवाओं की मजबूत मांग के कारण आईटी क्षेत्र की रफ्तार अल्पावधि में बनी रहेगी, लेकिन ज्यादातर आईटी के अहम शेयर अभी मौजूदा स्तर पर ज्यादातर सकारात्मक चीजों को समाहित कर रहे हैं।
प्रभाकर ने कहा, अल्पावधि में ज्यादातर सकारात्मक चीजें समाहित की गई हैं। इसके अलावा टीसीएस व विप्रो की पुनर्खरीद योजना संबंधित शेयरों की कीमतों पर कवच बनाए रखेंगे। ऐसा लगता है कि लंबी अवधि के लिहाज से ये शेयर निवेश के अच्छे
विकल्प हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज भी अल्पावधि के परिदृश्य को लेकर चिंतित है और उसका सुझाव है कि क्लाउड व डिजिटल सेवा कारोबार के क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति की जांच की दरकार है।