आईबीएम ने कहा है कि वह भारत में सबसे अधिक बिक्री करने वाले बिस्कुट ब्रांड पारले प्रोडक्ट्स के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि उसे आईबीएम क्लाउड का फायदा उठाने में मदद की जा सके। कंपनी ने कहा है कि आईबीएम क्लाउड का इस्तेमाल करने से पारले प्रोडक्ट्स को अपने उत्पादों को तेजी से और प्रभावी तरीके से बाजार तक लाने में मदद मिलेगी।
पारले आईबीएम की कारोबार परामर्श एवं प्रौद्योगिकी सेवाओं के अलावा उसकी हाइब्रिड क्लाउड, सिक्योरिटी और एआई दक्षता का भी फायदा उठाएगी। इससे उसे दुनिया की सबसे अधिक बिकने वाले बिस्कुट पारले-जी जैसे उत्पादों को सही समय पर सही बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पारले प्रोडक्ट्स के कार्यकारी निदेशक अजय चौहान ने कहा, ‘भारत में सबसे बड़े बिस्कुट ब्रांड प्रदाता के तौर पर हमारी प्राथमिकता भारतीय ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। आईबीएम के साथ काम करने से क्लाउड में हमारी यात्रा को रफ्तार मिलेगी और सुरक्षा मजबूत किया जाएगा। इससे हम अपने उत्पादों को कम समय में बााजर तक पहुंचाने और परिचालन को दुरुस्त करने के नए रास्ते तलाशेंगे। यह हमारे लिए एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।’
पारले ने उम्मीद जताई है कि हाइब्रिड क्लाउड आधारित दृष्टिकोण को अपनाने से नवाचार को तेजी मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं के घरों तक अपने उत्पादों को पहुंचाने के लिए कंपनी को नए रास्ते दिखेंगे। इससे वैश्विक महामारी के बीच आपूर्ति शृंखला संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी और कर्मचारी दूर से काम करने में समर्थ हो सकेंगे। कंपनी का मानना है कि परिचालन को दुरुस्त करने और बदलती मांग को पूरा करने के लिए दायरे में विस्तार करने से देश में उसके कारोबार को रफ्तार मिलेगी।
पारले मुख्य तौर पर आईबीएम की हाइब्रिड क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेवाओं एवं तकनीकों का उपयोग करेगी।
पारले अपने मिशन-क्रिटिकल एसएपी वर्कलोड, ईआरपी, आपूर्ति शृंखला और एनालिटिक्स ऐप्लिकेशन को आईबीएम क्लाउड पर स्थानांतरित करते हुए वित्त, मानव संसाधन एवं खरीद आदि विभिन्न कारोबारी गतिविधियों में उत्पादकता को बढ़ावा दे सकती है। इससे थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के उभरते परिपवेश संबंधी कंपनी की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद मिल सकती है।
एआई आधारित आपूर्ति शृंखला के साथ आईबीएम कंपनी को केपीआई आधारित प्रदर्शन प्रबंधन ढांचे को डिजाइन करने में मदद मिलेगी। पारले की कारोबारी प्रक्रियाओं एवं परिणाम को मापने और उसकी निगरानी करने के लिए आईबीएम वाटसन स्टूडियो का उपयोग किया जाएगा। इंटेलिजेंट वर्कफ्लो से उचित उत्पाद मेल, त्वरित नियोजन और अपूर्ति शृंखला की लागत के मोर्चे पर पारले के एजेंडे को बल मिलेगा।
इसके अलावा पारले को आईबीएम क्लाउड पर अपने वर्कलोड को स्थानांतरित करते हुए आईबीएम ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज (जीबीएस) और ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज (जीटीएस) के साथ उद्योग में आईबीएम की विशेषज्ञता का भी फायदा मिलेगा।
आईबीएम इंडिया के प्रबंध निदेशक संदीप पाटिल ने कहा, ‘पारले जैसे जानेमाने ब्रांड अब अपने परिचालन को कहीं अधिक रफ्तार देना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इस भागीदारी से पारले को सही समय पर सही बाजार में सही उत्पाद की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं प्रौद्योगिकी में हमारी दशकों की विशेषज्ञता का फायदा मिलेगा।’