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एचडीएफसी जैसी कामयाबी पर हमारा जोर

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:52 AM IST

बीएस बातचीत
एडलवाइस समूह ने 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए अपने परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवसाय में 2,200 करोड़ रुपये निवेश के लिए प्राइवेट इक्विटी कंपनी पीएजी के साथ भागीदारी की है। शुरू में घरेलू वित्तीय सेवा घराने ने अपने जीवन बीमा और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा (एनबीएफसी) व्यवसायों में विदेशी भागीदारों को शामिल किया था। एडलवाइस समूह के चेयरमैन एवं सीईओ रशेष शाह ने समी मोडक के साथ बातचीत में कहा कि वह एचडीएफसी जैसी सफलता हासिल करना और अपने व्यक्तिगत व्यवसाय को सूचीबद्घ कराना चाहते हैं। पेश हैं मुख्य अंश:

मौजूदा समय में एडलवाइस समूह की संरचना कैसी है और आगामी क्या योजना है?
हमें 6 व्यवसाय – होलसेल क्रेडिट, रिटेल क्रेडिट, परिसंपत्ति प्रबंधन (जिसमें परिसंपत्ति पुनर्निर्माण शामिल है), संपदा प्रबंधन, जीवन बीमा और सामान्य बीमा मिले हैं। अब तक हम एक एकीकृत समूह के तौर पर परिचालन कर रहे थे। अब हम सभी व्यवसायों का दायरा बढ़ाना और आखिरकार इन्हें अलग कर या आईपीओ के जरिये सूचीबद्घ कराना चाहते हैं, ठीक उसी तरह, जैसा कि एचडीएफसी ने एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लाइफ और एचडीएफसी म्युचुअल फंड के साथ किया। चूंकि हमकोई बड़ा व्यावसायिक घराना नहीं हैं, इसलिए अपने व्यवसायों को पूंजी मुहैया कराने और दीर्घावधि समर्थन के लिए भागीदार तलाशना चाहते हैं। जीवन बीमा में हमने टोकियो मैरीन, एआरसी में सीडीपीक्यू को अपने साथ जोड़ा है और अब संपत्ति प्रबंधन के लिए पीएजी के साथ भागीदारी की है।

निजी संपत्ति प्रबंधन उद्योग के लिए विकास के वाहक क्या हैं?
एक है घरेलू परिवारों की बचत में वृद्घि। अब यह 8 लाख करोड़ डॉलर के आसपास है जिसमें 3 लाख करोड़ डॉलर वित्तीय बचत से संबंधित है। ज्यादातर बचत पारंपरिक परिसंपत्तियों में है। जहां एक दशक पहले बचत में वित्तीय परिसंपत्तियों का योगदान करीब सिर्फ 1 लाख करोड़ डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर 3 लाख करोड़ डॉलर हो गया है। इसलिए पारिवारिक वित्तीय परिसंपत्तियां तेजी से बढ़ रही हैं। शुरू में, लोग बैंक जमाओं को पसंद करते थे। पिछले कुछ वर्षों के दौरान लोगों ने इसके विकल्पों पर ध्यान दिया है। बड़े वेतनभोगी वर्ग के पास संपत्ति, स्टॉक ऑप्शन और अच्छा वेतन है। इसलिए अब निवेश के कई वर्ग हैं और न सिर्फ परिवार और अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ वाले लोग ही इससे जुड़े नहीं रह गए हैं।

आपके अनुसार अर्थव्यवस्था कब तक सामान्य हो जाने की संभावना है?
हमारा मानना है कि कोविड-19 अभी समाप्त नहीं होगा, लेकिन बुरा वक्त बीत चुका है। लोग अब इसके साथ जीना सीख रहे हैं। इसलिए, व्यवसाय बहाली गतिविधि में स्पष्ट सुधार देख रहे हैं। तरलता में सुधार आया है। हालात मार्च 2021 तक सामान्य होने की संभावना है। लेकिन बुरा वक्त पीछे छूट गया है।

ऋण व्यवसाय के लिए स्थिति कैसी है?
तरलता में सुधार आया है, जिसे लेकर शुरू में समस्या बनी हुई थी। बैंकों और एनबीएफसी के लिए, ऋण लागत बढ़ेगी और इससे उनकी आय प्रभावित होगी। लेकिन पूंजी पर्याप्तता बनाए रखने के लिए संग्रहण को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। यह वित्त वर्ष खराब वर्ष होगा। लेकिन हर कोई इस पर नजर लगाए हुए है कि मार्च 2021 के बाद क्या होगा। हर कोई कोशिश कर रहा है जिससे कि जब वृद्घि की राह आसान हो तो वह इसका लाभ उठा सके।

क्या आप संपत्ति व्यवसाय की बिक्री के लिए हालात सामान्य होने का इंतजार करना नहीं चाहेंगे?
हमारा मकसद यह है कि व्यवसाय के लिए जो भी सही हो किया जाए और सिर्फ मूल्यांकन के साथ नहीं उलझा जाए। व्यवसाय में आपको अच्छे और बुरे वक्त में भी पूंजी जुटाने की जरूरत होगी। लेकिन आप वास्तविकता सिर्फ मुसीबत के समय में ही समझ पाएंगे।

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First Published - August 28, 2020 | 11:30 PM IST

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