ओला इलेक्ट्रिक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने आज भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग में सबसे बड़े दीर्घकालिक ऋण वित्त पोषण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऋण 10 साल की अवधि के लिए होगा। इसके साथ ओला फ्यूचरफैक्ट्री के पहले चरण का वित्त पोषणपूरा हो जाएगा। फ्यूचरफैक्ट्री ओला के दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र है। ओला ने इससे पहले दिसबर में घोषणा की थी कि वह इस फैक्ट्री में पहले चरण के तहत 2,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
ओला के चेयरमैन एवं ग्रुप सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा, ‘ओला और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच दीर्घकालिक ऋण वित्त पोषण के लिए आज हुआ समझौता दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया फैक्ट्री को रिकॉर्ड समय में पूरा करने के लिए हमारी योजनाओं में संस्थागत निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।’ उन्होंने कहा, ‘हम दुनिया के लिए भारत में इलेक्ट्रिक वाहन का उत्पादन करने और स्थायी मोबिलिटी को रफ्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे इस सफर में बैंक ऑफ बड़ौदा का साथ मिलने से हम काफी प्रसन्न हैं।’
ओला तमिलनाडु में 500 एकड़ भूमि पर फ्यूचरफैक्ट्री का निर्माण कर रही है। पूरी क्षमता के साथ परिचालन करने पर इस फैक्ट्री में सालाना 2 करोड़ वाहनों का उत्पादन हो सकता है। यह दोपहिया बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री होगी।