facebookmetapixel
Advertisement
IT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान

उड़ीसा के छोटे फार्मा उद्योग होंगे मालामाल

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 5:45 AM IST

दवा क्षेत्र में स्थानीय लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) के लिए दवाओं की सरकार द्वारा खरीद में मार्केटिंग समर्थन मुहैया कराए जाने के उद्देश्य से उड़ीसा सरकार ने इन एसएमई को मूल्य में 10 प्रतिशत की वरीयता दिए जाने की योजना बनाई है।


दवाओं की सरकारी खरीद में फार्मा एसएमई के लिए 10 प्रतिशत की मूल्य वरीयता दिए जाने का फैसला नई एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) विकास नीति का एक हिस्सा है जिसे राज्य सरकार के उद्योग विभाग द्वारा निर्णायक रूप दिया जाना है।

नई एमएसएमई विकास नीति में शामिल कीमत वरीयता व्यवस्था के मुताबिक राज्य में फार्मा एसएमई उस खरीद मूल्य का प्रस्ताव रख सकता है जो घरेलू एवं विदेशों की बड़ी दवा कंपनियों द्वारा दी जाने वाली कीमत से 10 प्रतिशत अधिक है। नई कीमत वरीयता राज्य सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली दवाओं की कुल खरीद के 50 फीसदी हिस्से पर लागू होगी।

उड़ीसा सरकार के उद्योग विभाग के निदेशक हेमंत शर्मा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘राज्य में फार्मा एसएमई बड़ी दवा कंपनियों की तुलना में फायदे में नहीं चल रही हैं। ये बड़ी कंपनियां इनके उत्पादों के लिए कम कीमत देती हैं। प्रस्तावित 10 फीसदी मूल्य वरीयता व्यवस्था से दवा निर्माण क्षेत्र से जुड़े लघु उद्योगों को सरकारी दवा खरीद की बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलेगी।’

फिलहाल राज्य में सरकारी दवा खरीद में फार्मा एसएमई की सिर्फ 10 फीसदी की भागीदारी है जो अनुमानित रूप से 30 करोड़ रुपये की है। राज्य में कुल दवा खरीद लगभग 150 करोड़ रुपये प्रति वर्ष है। शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एसएमई के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिए जाने के लिए फार्मा एसएमई को वित्तीय सहायता और विपणन सहायता भी मुहैया कराए जाने को प्रतिबद्ध है।

एमएसएमई को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के लिए नई एमएसएमई विकास नीति में एक उद्यम पूंजी कोष का प्रस्ताव रखा गया है। यह फंड राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये की रकम से तैयार किया जाएगा। बाद में उड़ीसा राज्य वित्त निगम (ओएसएफसी) और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) जैसे वित्तीय संस्थान इस फंड के वित्तीय भागीदार के तौर पर भूमिका निभाएंगे।

फिलहाल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंक राज्य में फार्मा एसएमई को ऋण मुहैया करा रहे हैं। शर्मा ने कहा, ‘हम प्रौद्योगिकी उन्नयन के क्षेत्र में फार्मा एसएमई की मदद करना चाहते हैं। अच्छी निर्माण कार्य प्रणालियों को अपनाने में हम इन उद्यमों को मदद मुहैया करा रहे हैं।’

उत्कल फार्मास्युटिकल मैन्युफेक्चरर एसोसिएशन (उपमा) के महासचिव मिहिर कानूनगो ने कहा, ‘उड़ीसा में लगभग 60 फार्मा एसएमई में से तकरीबन 25 इकाइयां अच्छी निर्माण कार्य प्रणाली (जीएमपी) को पहले ही अपना चुकी हैं और अन्य 10-12 इकाइयां इस साल के अंत तक जीएमपी को अपनाने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि राज्य में फार्मा एसएमई घरेलू एवं वैश्विक बाजारों में पर्याप्त विपणन सहायता के अभाव में मंदी से जूझ रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘फार्मा एसएमई के लिए शहर में मैनचेस्टर इंडस्ट्रियल एस्टेट पर स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) के लिए भूमि के आबंटन में विलंब हो रहा है। सीएफसी को एक एकड़ के भूखंड पर स्थापित किया जाएगा। सीएफसी सभी फार्मा एसएमई को अपनी दवाओं के नमूनों की जांच में सक्षम बनाएगा।’

प्रस्तावित सीएफसी पर निवेश के लिए 2.5 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया गया है। इसमें 60 लाख रुपये उड़ीसा सरकार, 30 लाख रुपये उपमा और बाकी रकम की व्यवस्था केंद्र द्वारा की गई है।

Advertisement
First Published - November 27, 2008 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement