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अब कोर्ट में ही होगा सन-टारो का फैसला

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Last Updated- December 10, 2022 | 10:27 PM IST

इजरायल की टारो फार्मास्युटिकल्स के अधिग्रहण की कोशिश में जुटी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने कहा है कि विलय से जुड़े विवादित मसलों को दोस्ताना तरीके से सुलझाने के उसके प्रयास नाकाम हो गए हैं।
उल्लेखनीय है इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने दोनों कंपनियों को यह मामला कोर्ट से बाहर सुलझाने का निर्देशदिया था। समझौते के प्रयासों में शामिल रहे सन फार्मा के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी और टारो प्रमुख बैरी लेविट अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यह समझौता निपटाने के लिए इसराइल में हाल ही में प्रवर्तकों ने बातचीत की थी।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश मानते हुए हो इन कंपनियों के बीच हो चुकी पहले की बातचीत में टारो ने सन फार्मा से 15 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से नगद राशि की मांग की थी। दूसरी ओर, सन ने टारो के संस्थापकों सहित सारे शेयरों की खरीद के लिए 7.75 डॉलर प्रति शेयर का प्रस्ताव किया।
सन ने टारो का प्रस्ताव यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह कंपनी की वास्तविक संपत्ति से बहुत ज्यादा है। हालांकि उसने टारो के तीन साल के ऑडिट किए हुए परिणाम और खातों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सन ने कहा था कि वह दो विकल्पों के साथ अधिकतम 9.5 डॉलर प्रति शेयर की पेशकश कर सकता है। इसलिए यह बातचीत असफल हो गई। इसके बाद दोनों कंपनियों ने न्यायालय से कहा कि वह ही फैसला करें।

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First Published - March 31, 2009 | 11:30 PM IST

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