उच्चतम न्यायालय ने शेयर बाजार नियामक केंद्रीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को सत्यम में हुए घोटाले की जांच के लिए राजू बंधुओं से पूछताछ की इजाजत दे दी है।
सेबी जहां पहले कम से कम एक ही दिन के लिए राजू बंधुओं को अपनी हिरासत में लेना चाह रही थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक सेबी तीन दिनों तक राजू बंधुओं से पूछताछ कर सकता है। सेबी के महाप्रबंधक सुनील कुमार और उनके सहयोगी बुधवार से ही इस मामले में जांच करने के काम में जुट जाएंगे।
मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन की अगुआई वाली खंडपीठ ने चंचलगुडा केंद्रीय केंद्रीय कारागार के निरीक्षक को निर्देश दिया कि वह सेबी के जांच अधिकारी सुनील कुमार को बी रामलिंग राजू और बी रामा राजू से पूछताछ करने दें।
दरअसल, 7 जनवरी को कंपनी के पूर्व अध्यक्ष बी रामलिंग राजू द्वारा धोखाधड़ी की बात स्वीकार करने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस की सीआईडी ने राजू को 8 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था और उसके बाद राजू, सेबी की पहुंच से दूर होते गए। इससे पहले हैदराबाद की स्थानीय अदालत सेबी की याचिका को खारिज कर चुकी थी।
प्राइसवाटर के अधिकारी भी रिमांड पर : हैदराबाद के छठे मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने प्राइस वाटरहाउस के ऑडिटरों एस गोपालकृष्णन और टी श्रीनिवास को 4 फरवरी से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इन दोनों अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
फर्जीवाडे क़े बाद भी मिल रहा है काम
खातों में हेराफेरी का खुलासा होने के बाद संकट में फंसी सत्यम कंप्यूटर के कुछेक ग्राहक भले ही इससे किनारा कर रहे हों, लेकिन कंपनी का कहना है अभी भी इसकी साख बनी हुई है और नए ऑर्डर मिल रहे हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि जनवरी माह में ही कंपनी को आउटसोर्सिंग के 15 ऑर्डर मिले हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी को ये ऑर्डर भारत, अमेरिका, यूरोप, जापान, अफ्रीका और पश्चिम एशियाई देशों से मिले हैं। कंपनी ने कहा कि केवल एक ग्राहक ने कंपनी का साथ छोड़ा है।