facebookmetapixel
Advertisement
राजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहाराITR Filing 2026: फ्रीलांसिंग का कर रहे हैं काम तो रिटर्न भरते समय रखें ध्यानEditorial: RBI ने FCNR-B स्वैप योजना समय से पहले बंद की, उठे नीतिगत फैसले पर सवालआर्टिफिशल इंटेलिजेंस की चर्चा बेशुमार, लेकिन आम जिंदगी में असर अब भी सीमित40 साल बाद भी अनसुना है जनरल वैद्य का बलिदान, क्या भारत अपने युद्ध नायकों को भूल गया?उत्तर प्रदेश में बिजली लाइन लॉस घटा, बकाया वसूली में भी तेजी; अभियान से ₹654 करोड़ जुटाएपर्पल स्टाइल लाएगी ₹660 करोड़ का IPO, शाहरुख-सचिन और माधुरी दीक्षित समेत इन सेलिब्रिटीज के लगे हैं पैसेएयरटेल के प्रीपेड प्लान में बदलाव, ARPU में 4 से 12 रुपये तक की वृद्धि संभवसोने-चांदी में तेजी के संकेत, अगले हफ्ते कहां तक जाएंगे भाव?Explainer: म्युचुअल फंड में ₹3,811 करोड़ अनक्लेम्ड, कहीं आपका पैसा तो नहीं? ऐसे करें चेक और क्लेम

एलेंबिक की किस्मत पलटेगा नया संयंत्र!

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 9:16 AM IST

एलेंबिक फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (एपीएल) के लिए अमेरिकी कारोबार के लिहाज से वित्त वर्ष 2020-21 कमजोर रह सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का कैंसर की गोलियों का नया विनिर्माण संयंत्र अगले साल उसकी किस्मत चमका सकता है।
हाल में तीसरी तिमाही में एपीएल का अमेरिकी राजस्व तिमाही दर तिमाही आधार पर 10.2 फीसदी और सालाना आधार पर 2.1 फीसदी घटकर करीब 7 करोड़ डॉलर रहा। एपीएल के अंतरराष्ट्रीय फॉम्र्यूलेशन कारोबार में अमेरिकी बाजार 75 फीसदी योगदान देता है।
एपीएल के वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमही में सात नए उत्पाद उतारने के बावजूद उसके अमेरिकी फॉर्मूलेशन कारोबार में गिरावट आई है। हालांकि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में भी यही रुझान रहने के आसार हैं। लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि अगला साल कंपनी किस्मत चमका सकता है। यह उसके नए संयंत्रों को मंजूरी पर निर्भर करेगा।
इस समय एलेेंबिक फार्मा तीन एपीआई संयंत्र, एक फॉम्र्यूलेशन संयंत्र और घरेलू बाजार के लिए सिक्किम में एक संयंत्र चला रही है। इसके अलावा कंपनी एफ2, एफ3 और एफ4 संयंत्रों के यूएसएफडीए के निरीक्षण का इंतजार कर रही है। इन संयंत्रों में कैंसर के इंजेक्शन और गोलियों, सामान्य इंजेक्शन और गोलियों का विनिर्माण होगा। इसके अलावा कंपनी तीन शोध एवं विकास केंद्र चलाती है। ये वडोदरा, हैदराबाद और न्यूजर्सी में स्थित हैं।
एक विश्लेषक ने नाम प्रकाशित नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘हालांकि इस साल वृद्धि कुछ सुस्त रह सकती है, लेकिन हमारा अनुमान है कि अगला वित्त वर्ष एपीएल के कारोबार की दिशा पलट सकता है, जिसका उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बड़ा हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि अगले साल के मध्य तक मंजूरी मिल जाएगी । उसके बाद कंपनी बाजार का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकती है।’
इसी तरह आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में भी अनुमान जताया गया है कि संयंत्र को मंजूरी और क्षमता के उपयोग से एलेंबिक का अमेरिकी कारोबार सुधरेगा। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हमारा मानना है कि अमेरिका में सार्टंस की बिक्री घटने, शोध एवं विकास में लगातार निवेश और संयंत्र चालू होने पर अतिरिक्त लागत (सालाना 400 से 500 करोड़ रुपये) के कारण निकट भविष्य में आमदनी के स्तर पर प्रदर्शन प्रभावित होगा। हालांकि मंजूरियां मिलनी शुरू होने और क्षमता के उपयोग से मध्यम अवधि में लागत की भरपाई हो जाएगी।’

Advertisement
First Published - January 25, 2021 | 12:16 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement