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नई ग्राउंड हैंडलिंग नीति बनी उड्डयन मंत्रालय के लिए मुसीबत

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Last Updated- December 08, 2022 | 7:02 AM IST

विमानन कंपनियों और उनके कर्मचारी संघों के लगातार बढ़ते दबाव का सामना करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नई ग्राउंड हैंडलिंग नीति को टाल दिया है।


सूत्रों का कहना है कि अगले साल 1 जनवरी से लागू होने वाली इस नीति को कम से कम 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। इस नई नीति के तहत निजी घरेलू विमानन कंपनियां खुद यात्री, रैम्प और विमानों की हैंडलिंग नहीं करेंगी, बल्कि मंत्रालय ने तीन विशेष एजेंसियों को यह काम सौंपने का फैसला लिया है।

प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया के 14 कर्मचारी संघों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है, जबकि खुद नैशनल एविएशन कंपनी लिमिटेड (एनएसीआईएल) ग्राउंड हैंडलिंग की नई नीति का हिस्सा है। नई नीति के लागू होने के बाद ग्राउंड हैंडलिंग में भी निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

एक उच्च पद पर बैठे सूत्र का कहना है, ‘इस मामले में औपचारिक घोषणा मंत्रालय की ओर से दिसंबर के मध्य में की जाएगी।’ गौरतलब है कि विमानन कंपनियां ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं से खुद को अलग करने के लिए सेवाओं में अंतर और कर्मचारियों की छंटनी की बात पर राजी हुई थीं।

उद्योग जगत के एक अनुमान के अनुसार अगर नई नीति लागू होती है तो इससे कम से कम 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। इसकी मुख्य वजह निजी एजेंसियों के हाथ में हवाई अड्डों का ग्राउंड हैंडलिंग का काम जाना है।

अभी इन आंकड़ों में अभी वे लोग शामिल नहीं हैं, जिनका जिक्र एनएसीआईएल के संघों ने किया है। संघों का कहना है कि एक बार जब एयर इंडिया का ग्राउंड हैंडलिंग की विशेष कारोबारी इकाई सिंगापुर एयरपोर्ट टर्निमल सर्विसेज (एसएटीएस) के साथ संयुक्त उपक्रम के लिए विशेष कंपनी में तब्दील होगी, तब भी कई कर्मचारियों की छंटनी होगी।

एयर इंडिया के संघ कार्यालय से जुड़े एक कर्मी का कहना है, ‘अगर सरकार इस नीति को नहीं टालेगी, तब सरकार का विरोध किया जाएगा।

नई नीति के बाद एनएसीआईएल का ग्राउंड हैंडलिंग कारोबार अलग होकर एक विशेष कंपनी में तब्दील हो जाएगा, जिससे हमारी सेवाओं में बदलाव आएगा, क्योंकि हमें नई कंपनी में काम के लिए कहा जाएगा,

जो राजस्व बांटने के आधार पर एक निजी उपक्रम है। हम आखिर अपनी कमाई क्यों किसी के साथ बांटे, जब हम पिछले कई सालों से विमानन कंपनियों के लिए ग्राउंड हैंडलिंग का काम कर रहे हैं।’

पिछले महीने देश में दो सबसे बड़े हवाई अड्डों दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (डायल) और मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ने इन हवाई अड्डों के ठेके निजी ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों को दिए हैं।

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First Published - December 3, 2008 | 11:08 PM IST

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