करीब 100 करोड़ रुपये के ब्रांडेड सूप बाजार में नंबर दो के पद के लिए नेस्ले के मैगी और कैपिटल फूड्स के चिंग्स के बीच होड़ लगी हुई है।
उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर का नोर 65 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ नंबर एक की पोजिशन पर है। जबकि महाराष्ट्र की कैपिटल फूड्स ने चिंग्स ब्रांड के तहत सितंबर 2008 में नूड्ल्स और चाइनीज सूप बाजार में पेश की है।
चिंग्स, नेस्ले की मैगी सूप को नंबर दो से हटाकर खुद उस पद पर काबिज होने का दावा कर रही है। कैपिटल फूड्स के प्रबंध निदेशक अजय गुप्ता का कहना है कि कंपनी के चिंग्स चाइनीज सूप की कुल बिक्री 20-22 करोड़ रुपये की है, जबकि मैगी सूप की बिक्री 15-17 करोड़ रुपये ही है।
गुप्ता का कहना है कि कंपनी अगले 2-3 सालों में नोर को टक्कर देने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि मॉरीशस स्थित प्राइवेट इक्विटी फर्म की कैपिटल फूड्स में अल्पांश हिस्सेदारी है। इधर, नेस्ले इंडिया भी खुद को नंबर दो ब्रांड मान रही है।
नेस्ले इंडिया की महाप्रबंधक (फूड्स) शिवानी हेगड़े का कहना है कि कंपनी का नंबर दो पद बरकरार है और कारोबार और बाजार हिस्सेदारी में लगातार इजाफा हो रहा है। नेस्ले ने ‘टेस्टी भी, हेल्दी भी’ अभियान के तहत मैगी सूप 2005 में लॉन्च किया था। उसके बाद कंपनी की ओर से परंपरागत जड़ी-बूटियों से मिश्रित संजीवनी सूप लॉन्च की।
एचयूएल का नोर निर्विवाद रूप से पहले नंबर पर आसीन है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि नोर 17 वैरिएंट में उपलब्ध है और कंपनी भारतीय स्वाद और खाने के हिसाब से और फ्लेवर में सूप उतारने की तैयारी कर रही है।
जानकारों का कहना है कि करीब 100 करोड़ रुपये का ब्रांडेड सूप बाजार सालाना 20 फीसदी की दर से विकास कर रहा है। 5 साल पहले ब्रांडेड सूप बाजार करीब 35 करोड़ रुपये का था। टेक्नोपैक के पुरेंदु कुमार का कहना है कि एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री में सूप की हिस्सेदारी बहुत कम है, लेकिन आधुनिक ट्रेंड को देखते हुए इस सेगमेंट की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है।