मलेशिया के पेट्रोनास समूह की सदस्य एमप्लस सोलर ने स्टर्लिंग ऐंड विल्सन की कुल 7.2 मेगावाट क्षमता वाली 17 सोलर रूफटॉप परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया है। एमप्लस सोलर के पास वितरित सौर खंड में पहले से ही 800 मेगावाट से अधिक की परियोजनाएं हैं और इस सौदे से हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा कर्नाटक समेत कई राज्यों में इनके पोर्टफोलियो में इजाफा हो जाएगा। कंपनी ने सौदे के आकार का खुलासा नहीं किया है।
स्टर्लिंग ऐंड विल्सन की 17 परियोजनाओं से 13 प्रमुख औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत ग्राहकों को आपूर्ति होती है। एमप्लस सोलर के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक संजीव अग्रवाल ने कहा कि हमारे पोर्टफोलियो में इन परिसंपत्तियों का शामिल होना भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को बढ़ावा देने और अपने बढ़ते ग्राहक आधार को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को प्रोत्साहन देता है। हम उन परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए तैयार हैं, जो हमारे मानकों को पूरा करती हैं और इन परिसंपत्तियों में एमप्लस की परिचालन उत्कृष्टता को जोड़ते हैं।
स्टर्लिंग ऐंड विल्सन कर्ज चुकाने के लिए अपनी परिसंपत्तियों की बिक्री कर रही है। पिछले महीने इसने तेलंगाना में 75 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना अदाणी ग्रीन एनर्जी को 446 करोड़ रुपये में बेची थी।