भारत में मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों के लिए मोबाइल रिचार्ज कार्ड बनाने वाली मोहाली की मास्टरलाइन टेलीबिज नामक फर्म जल्द ही मोबाइल टेलीफोन सिम कार्ड निर्माण में दस्तक देगी।
कंपनी खासकर मोबाइल सेवा से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। मास्टरलाइन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी नरेश नंदा कंपनी में 35 फीसदी हिस्सेदारी घटाने के लिए पश्चिम एशिया की एक दिग्गज दूरसंचार कंपनी के साथ एक साझा उपक्रम भागीदारी को अंतिम रूप देने के नजदीक हैं।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर नंदा ने 1994 में अपना कारोबार शुरू किया। अब नंदा का सपना वैश्विक बाजार में 3जी टेलीकॉम ऑपरेटरों को मूल्यवर्धित सेवाएं (वीएएस) उपलब्ध कराना है।
नंदा ने कहा कि दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में कंपनियों के साथ काम कर अच्छा राजस्व हासिल किया जा सकता है। यही वजह है कि हम 3जी स्पेक्ट्रम के लिए मूल्यवर्धित सेवाओं की पेशकश के लिए घरेलू कंपनियों की तुलना में वैश्विक कंपनियाें को अधिक पसंद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका सिम कार्ड बिजनेस मार्च 2009 तक शुरू हो जाएगा और पहले साल ही इस कारोबार के 10 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लेने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ में एक बेहद छोटी टीम के साथ अपना उद्यम शुरू किया था और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 17 रुपये प्रति कार्ड के हिसाब से रिचार्ज कार्ड की आपूर्ति की।
आज यही कार्ड उन्हें 60 पैसे प्रति कार्ड के दाम पर बिकता है। नंदा ने कहा, ‘यह बचत हमारे लिए अभी भी व्यवहार्य बनी हुई है, क्योंकि उत्पादन कई गुना बढ़ गया है।’ उन्होंने कहा कि उन्हें जो थोड़ी-बहुत सफलता मिली है, वह उन्होंने किसी वित्तीय संस्थान से मदद के बगैर ही हासिल की है। हमने अपना मुनाफा अपने कारोबार को बढ़ाने में लगाया है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य रिचार्ज कार्ड सेगमेंट में अपनी मौजूदा बाजार भागीदारी 18 फीसदी से बढ़ा कर अगले दो साल में 30 फीसदी करना है। कंपनी भारतीय बाजार में समेकित अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की आपूर्ति के लिए एक अलग ट्रेडमार्क हासिल करने की प्रक्रिया में है। नंदा की योजना इटली, स्पेन, सिंगापुर, मलेशिया और ताइवान से सुरक्षा उपकरणों का आयात करने की है।