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मंदी से निपटने का माइंडट्री का आइडिया

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:06 AM IST

मंदी में रकम बचाने के लिए कंपनियां क्या क्या नहीं कर रही हैं। लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी आईटी क्षेत्र की कंपनी माइंडट्री ने नायाब तरीका निकाला है।
कंपनी अपने यहां आने वाले नए प्रशिक्षुओं का वेतन धीरे-धीरे बढ़ाने का फैसला कर चुकी है। जो प्रशिक्षु जितने लंबे समय तक काम करेगा, उसका वेतन उतना ही बढ़ता जाएगा।
कंपनी में इस साल मार्च में 250 प्रशिक्षु आए हैं और अक्टूबर में इतने ही प्रशिक्षुओं की भर्ती होनी है। कंपनी ने अपने ऑफर लेटर में जिस वेतन का वायदा किया था, शुरुआती 7 महीनों में प्रशिक्षुओं को उसका केवल 75 फीसदी हिस्सा मिलेगा।
यदि वे कंपनी छोड़ते नहीं हैं, तो उसके बाद के 6 महीनों तक उन्हें 85 फीसदी वेतन मिलेगा और डेढ़ साल की प्रशिक्षण अवधि के अंतिम 5 महीनों में प्रशिक्षुओं को बचा हुआ वेतन मिल जाएगा।
माइंडट्री फिलहाल प्रशिक्षुओं को सालाना 3.2 लाख रुपये (26,700 रुपये महीना) वेतन के तौर पर देती है। नए गणित के तहत प्रशिक्षुओं को शुरुआती 7 महीनों में 20,000 रुपये मासिक मिलेंगे, जो अगले 6 महीने के लिए बढ़कर 22,700 रुपये प्रतिमाह हो जाएंगे। बचे हुए 5 महीनों तक कंपनी प्रशिक्षुओं को 40,800 रुपये देगी। इस तरह आंकड़ा 18 महीने के लिए 4.8 लाख हो जाएगा।
माइंडट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) पुनीत जेटली ने कहा, ‘हमारा इरादा उन्हें कम वेतन से शुरू कराना और धीरे-धीरे वेतन बढ़ाकर डेढ़ साल में वायदे के मुताबिक रकम दे देना है।’ उन्होंने कहा कि 95 फीसदी प्रशिक्षुओं ने इसके लिए हामी भर दी है। कंपनी अब लागत कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और प्रशिक्षुओं को भी कंपनी के साथ बने रहने पर फायदा होगा।
जेटली ने कहा कि कंपनी अपने वायदे से मुकर नहीं रही है और न ही वेतन काट रही है। उन्होंने कहा, ‘वित्तीय स्थिति बिगड़ती देखकर हम प्रशिक्षुओं को उनके वेतन का ढांचा बदलने का मौका दे रहे हैं।’ पिछले साल भी कंपनी ने अक्टूबर में एंट्री स्तर के कर्मचारियों के वेतन में ऐसा ही फेरबदल किया था।
प्रशिक्षुओं के वेतन में कंपनी ने बदला ढांचा
18 महीने के दौरान धीरे धीरे बढ़ेगा वेतन

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First Published - April 18, 2009 | 7:02 PM IST

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