मीशो जुटाएगी 50 करोड़ डॉलर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:36 PM IST

सोशल ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने धन जुटाने के नए चरण के लिए प्रमुख निवेशक तलाशने का जिम्मा मॉर्गन स्टैनली को सौंपा है। इस धनराशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अधिग्रहणों की खातिर पूंजी जमा करने के लिए किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक संभावित विक्रेताओं के साथ बातचीत पहले ही चल रही हैं।
नए चरण में करीब 50 करोड़ डॉलर जुटाए जाएंगे। मौजूदा निवेशकों का अनुमान है कि इससे कंपनी का मूल्यांकन 5 से 7 अरब डॉलर के बीच पहुंच जाएगा। इस समय कंपनी का मूल्यांकन 4.9 अरब डॉलर है। मीशो ने इससे पहले सितंबर 2021 में 60 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसके पास कई बड़े निवेशक हैं, जिनमें सॉफ्टबैंक, फेसबुक, फिडेलिटी आदि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि मीशो के निवेशकों और संस्थापकों को लगता है कि अब और धन जुटाने की संभावना तलालाशी जानी चाहिए। रूस-यूक्रेन युद्ध से बाजार में मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए धन जुटाना अच्छा है। युद्ध से लघु एवं वृद्धि के दौर से गुजर रहीं स्टार्टअप के लिए उद्यम पूंजीपतियों और निजी इक्विटी निवेशकों से धन जुटाना मुश्किल हो गया है। नई पूंजी से मीशो को अपना कारोबार तेजी से बढ़ाने के लिए अधिग्रहण की संभावनाएं तलाशने और आकर्षक सौदे हासिल करने का मौका मिलेगा। मीशो ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि कंपनी की बैलेंसशीट में करीब 1.2 अरब डॉलर की पूंजी है क्योंकि इसने पिछले चरणों में जुटाई रकम का मामूली हिस्सा ही इस्तेमाल किया है।    
नतीजतन इसके पास वृद्धि पर खर्च करने और अगले 12 महीनों में कारोबार के विस्तार पर खर्च के लिए पर्याप्त पैसा है। यह पिछले साल की तुलना में अपना कारोबार चार गुना बढ़ा चुकी है।
इन सूत्रों का कहना है कि मीशो कारोबार पर हर महीने करीब तीन करोड़ डॉलर खर्च करती है, जिसमें कारोबार के पैमाने में बढ़ोतरी के साथ कमी आने के आसार हैं। कंपनी ने अगले 12 महीनों में खर्च से ज्यादा नकदी आवक का लक्ष्य तय किया है।
सूत्रों का कहना है कि मीशो ने कारोबार से कमाई का अपना मॉडल नहीं बदला है। यह अब भी प्लेटफॉर्म के उन विक्रेताओं पर निर्भर है, जो ग्राहकों को लुभाने के लिए मीशो पर अपने उत्पादों का विज्ञापन करते हैं।
अनुमानों के मुताबिक इस समय 100 विक्रेताओं में से कम से कम 15 से 16 अपने उत्पादों का विज्ञापन करते हैं, जो कंपनी की आमदनी का प्रमुख स्रोत है। इससे पहले बहुत से लोगों ने इस बारे में संशय जताया था कि बदलाव लाने वाला ऐसा ई-कॉमर्स मॉडल क्या लघु उद्यमों के लिए मददगार साबित हो सकता है। मीशो के सह-संस्थापक और सीईओ विदित अत्रे ने एक सक्षात्कार में बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि यह प्लेटफॉर्म पहले ही देश के 98 फीसदी पिन कोड पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह शीर्ष स्तर से नीचे की कंपनियों पर ध्यान दे रही है और इसने दिसंबर तक अपने प्लेटफॉर्म पर 10 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा हासिल करने का लक्ष्य तय  किया है।
एक अनोखी बात यह है कि मीशो के 50 फीसदी ग्राहक वे हैं, जो इसी पर ऑनलाइन खरीदारी की शुरुआत करते हैं। कंपनी ने पिछले 9 महीनों के दौरान अपने उत्पादों में स्पोट्र्सवियर, पालतू जानवरों के भोजन, पुरुषों के लिए उत्पादों को शामिल किया है। हाल ही में इसने किराने का सामान भी बेचना शुरू कर दिया है।

First Published : March 24, 2022 | 11:12 PM IST