मुंबई में हुए आतंकी हमलों की वजह से नए साल का जश्न थोड़ा फीका रह सकता है, क्योंकि मायानगरी के कई होटलों ने नए साल के स्वागत में आयोजित की जाने वाली पार्टी से परहेज कर रहे हैं।
मुंबई के जे के मैरियट और रेनेसां ने तो ऐसे किसी भी जश्न के आयोजन से इनकार कर दिया, वहीं फोर सीजन्स अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पाया है।
मुंबई के ज्यादातर होटलों का कहना है कि अगर वे नए साल पर जश्न का आयोजन करते भी हैं, तो सुरक्षा कारणों और हाल में हुए हादसे की वजह से लोगों की उपस्थिति कम रहने की आशंका है।
ऐसे में नए साल पर खाद्य एवं पेय पदार्थों और शराब से होने वाली आय में भी करीब 50 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है।
नए साल के जश्न पर शराब की कुल सालाना बिक्री का 8 फीसदी हिस्से की एक रात में ही खपत हो जाती है। मौजूदा समय में भारत में वाइन, स्प्रिट और बीयर का सालाना कारोबार 50 करोड़ पेटी है।
वाइन और शैंपेन आयात से जुड़े एक कारोबारी का कहना है कि नए साल पर जश्न का रंग फीका रहने से अल्कोहल की बिक्री में 50 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है।
दक्षिण मुंबई स्थित एक होटल के प्रबंध निदेशक ने बताया कि नए साल के जश्न पर होटल की कुल मासिक आय का 10-25 फीसदी कमाई होती है, जो इस बार शायद न हो।