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मुकेश की ‘गैस’ को कानूनी राहत

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Last Updated- December 09, 2022 | 11:36 PM IST

बंबई उच्च न्यायालय ने अपने एक अंतरिम आदेश में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को बड़ी राहत देते हुए केजी बेसिन से किसी तीसरे पक्ष को गैस बेचने की अनुमति तो दे दी है।


लेकिन अभी इस मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है और काफी कुछ उस फैसले पर निर्भर करेगा। इस तरह आरआईएल को अदालत से राहत तो मिल गई लेकिन राहत अभी पूरे तौर पर नहीं मिली है।

अदालत का अंतिम फै सला कब तक आएगा इस पर स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं किया जा सकता लेकिन आरआईएल के वकील हरीश साल्वे के मुताबिक मार्च के आखिर तक इस मामले में अंतिम फैसला आ सकता है।

अब आरआईएल सरकार द्वारा तय कीमत पर यानी 4.20 मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमबीटीयू)की दर से ही गैस बेच सकती है। न्यायालय ने मुकेश अंबानी की आरआईएल द्वारा अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेस लिमिटेड (आरएनआरएल) को गैस आपूर्ति की कीमत पर फैसला सुरक्षित रखा है।

आरआईएल को अंतरिम आदेश तक ही तीसरे पक्ष को गैस बेचने की अनुमति मिली है। अदालत के फैसले में कंपनी को फर्टिलाइजर और ऊर्जा क्षेत्र को वरीयता के आधार पर गैस मुहैया करानी होगी।

दो साल से भी ज्यादा अटके इस मामले में आरएनआरएल, सरकारी कंपनी एनटीपीसी के साथ हुए करार के मुताबिक 2.34 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की दर से ही गैस खरीदने पर अडी हुई थी।

दूसरी ओर, आरआईएल का कहना था कि वह सरकार द्वारा मंजूर कीमत यानी 4.20 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के हिसाब से ही आरएनआरएल को गैस देगी।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मोहन परासरन ने कहा, ‘अदालत ने किसी भी पार्टी का पक्ष न लेते हुए अपने पिछले आदेश में बदलाव करते हुए ही अंतरिम आदेश दिया है। इसके तहत आरआईएल सरकार द्वारा तय कीमत पर और सरकारी नीति के मुताबिक चलकर ही गैस बेच सकेगी।’

आरआईएल को मिली राहत, लेकिन पूरी नहीं


गैस की कीमत को लेकर फंसा हुआ है मामला

फरवरी तक ग्राहक ढूंढ लेगी आरआईएल

तीसरे पक्ष को गैस बिक्री केवल अंतरिम आदेश तक

मध्य मार्च से शुरू हो सकता है उत्पादन

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First Published - January 31, 2009 | 12:00 AM IST

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