कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के कारण इंजीनियरिंग और पूंजीगत वस्तु उद्योग में निविदाओं को टाले जाने के बावजूद केईसी इंटरनैशनल बेफिक्र दिख रही है। कंपनी घरेलू बाजार में ऑर्डर के नुकसान की भरपाई करने के लिए विदेशी बाजार के ऑर्डरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
केईसी इंटरनैशनल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी विमल केजरीवाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘फिलहाल घरेलू बाजार में निविदाएं स्थगित की जा रही हैं क्योंकि ग्राहकों को कोविड-19 के कारण परिचालन संबंधी समस्याओं का सामाना करना पड़ रहा है। लेकिन हमारे लिए पिछले सप्ताह सऊदी में बड़ी निविदाएं निकली हैं। दूसरी जगहों पर भी निविदाएं हैं और इसलिए हमें (केईसी) केवल भारतीय बाजार में टिके रहने की आवश्यकता नहीं है। यहां तक कि भारत में यदि दूसरी लहर का प्रकोप कुछ समय तक बरकरार रहता है तो भी हमारे लिए चिंता की कोई बात नहीं है।’
केजरीवाल ने कहा कहा कि इस साल निविदा में चल रही गड़बडिय़ों के बावजूद भारत में कारोबारी परिदृश्य पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। फिलहाल कंपनी करीब 30 देशों में मौजूद है। कंपनी जिन कारोबारी क्षेत्र में मौजूद है उनमें बिजली पारेषण एवं वितरण (टीऐंडडी), केबल, रेलवे, सौर और सिविल शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2022 में कंपनी को हासिल कुल ऑर्डर में से 60 से 65 फीसदी ऑर्डर विदेशी थे जबकि शेष घरेलू बाजार से प्राप्त हुए थे। सामान्य तौर पर कंपनी के लिए विदेशी बनाम देसी ऑर्डर अनुपात 50:50 फीसदी होता है। साल के दौरान दुनिया भर में कारोबार को कोविड-19 का झटका लगने से केईसी इंटरनैशनल का एबिटा मार्जिन घटकर 8.7 फीसदी हो गया जो वित्त वर्ष 2020 में 10.3 फीसदी रहा था।
आरपीजी समूह की इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 में अब तक समेकित आधार पर 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर वाली निविदाओं में पहले शिरकत कर चुकी है। केजरीवाल ने कहा, ‘हम 25,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर संबंधी निविदाओं के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा आगामी महीनों के दौरान हम 30,000 करोड़ रुपये की अन्य ऑर्डर निविदाओं में शिरकत करेंगे।’