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कायापलट में जुटी जेएसडब्ल्यू यूएसए

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:11 AM IST

वित्त वर्ष 22 की जून तिमाही से अमेरिकी परिचालन में 80 फीसदी से ज्यादा क्षमता इस्तेमाल की तैयारी कर रही सज्जन जिंदल की अगुआई वाली जेएसडब्ल्यू यूएसए करीब एक दशक के बाद पूरी तरह से कायापलट की कवायद में लग गई है।
जेएसडब्ल्यू यूएसए के निदेशक पार्थ जिंदल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए साक्षात्कार में कहा, बेटाउन प्लेट मिल के आधुनिकीकरण के साथ इस्तेमाल का स्तर दोगुने से ज्यादा हो जाएगा, जो हमारी परिवर्तन लागत में 33 से 40 फीसदी की कमी लाएगा। यह स्थायी व सकारात्मक आय सुनिश्चित करेगा और कारोबार को स्टील की साइक्लिकल प्रकृति से बचाएगा।
अभी बेटाउन यूनिट में करीब 30-40 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है। इस यूनिट में 12 लाख टन क्षमता का प्लेट मिल और 5 लाख टन क्षमता वाला पाइप मिल है। टेक्सस में बेटाउन यूनिट कच्चे माल की सोर्सिंग क्रूड स्टील स्लैब के रूप में अपने मिंगो जंक्शन प्लांट (ओहायो) से करता है, जिसकी क्षमता 15 लाख टन की है। लगता है कि सज्जन जिंदल समूह इस बार एक दशक पुराने कारोबार में सुधार के लिए हर कोशिश कर रहा है, जिसे उसने अपने बड़े भाई पृथ्वीराज जिंदल से साल 2007 में करीब एक अरब डॉलर में अधिग्रहीत किया था।
जेएसडब्ल्यू स्टील यूएसए ओहायो इंक (जेएसडब्ल्यू स्टील की इकाई) ने अलघेनी टेक्नोलॉजिज (एटीआई) संग पांच साल का करार किया है, जो सरप्लस कार्बन स्लैब को मिंगो जंक्शन यूनिट भेजने के लिए है ताकि उच्च गुणवत्ता वाला हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) उत्पादों की डिलिवरी हो सके। पार्थ ने कहा, यह करार मिंगो जंक्शन को उत्पादों की बिक्री से मिलने वाली रकम पिछले स्तर से मुकाबले 6 से 7 फीसदी ऊपर ले जाएगा। यह जेएसडब्ल्यू व एटीआई के लिए उत्तम है क्योंकि दोनों अपनी क्षमता का ज्यादा इस्तेमाल कर पाएंगी।
कोविड के कारण साल 2020 में सुस्त कारोबारी परिदृश्य और स्टील की मांग व कीमत घटने के बाद जिंदल ने अपने मिंगो जंक्शन प्लांट को पिछले साल जुलाई में बंद कर दिया था और आधुनिकीकरण के लिए सितंबर में बेटाउन यूनिट को बंद किया गया था। कंपनी ने पिछले साल दोनों प्लांटों से 550 कर्मचारियों की छंटनी भी की थी। जिंदल ने कहा, यह सही फैसला था, हालांकि मुश्किल भरा था। आधुनिकीकरण का विचार तकनीक के मामले में यूनिट को उन्नत बनाने और मानव श्रम का स्तर घटाने के लिए अपनाया गया था।
साल 2021 की शुरुआत में कंपनी ने दोनों यूनिट में नियुक्तियां शुरू की क्योंकि उसने मार्च में ङ्क्षमगो जंक्शन में परिचालन शुरू किया और बेटाउन में फरवरी में। इस नियुक्ति में नए व पुराने कर्मियों को रखा गया और अभी कुल 530 कर्मी वहां काम कर रहे हैं और इसे बढ़ाकर 530-600 करने की योजना है।
जिंदल ने कहा, दोनों इकाइयों के आधुनिकीकरण के बाद कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ी है। पहले यूनिट में सालाना 3.5-4 लाख टन का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 15 लाख टन सालाना हो गया है और वही कर्मचारी ऐसा कर पा रहे हैं।
महामारी के बावजूद जिंदल को उम्मीद है कि स्टील की मांग स्थिर रहेगी क्योंकि अमेरिका में बड़े पैमाने पर टीकाकरण हो रहा है और बाइडन सरकार 2 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल को मंजूरी दे रही है।

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First Published - May 4, 2021 | 11:56 PM IST

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