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जियो को नए ग्राहक, एआरपीयू से बल

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:02 AM IST

ग्राहकों की संख्या में उम्मीद से बेहतर वृद्धि और प्रति उपयोगकर्ता राजस्व में वृद्धि के साथ ही रिलायंस जियो ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बाजार के अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन किया। साथ ही परिचालन के मोर्चे पर जियो का प्रदर्शन उसकी प्रमुख प्रतिस्पर्धी भारती एयरटेल के मुकाबले कहीं बेहतर रहा। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण भारती एयरटेल को काफी ग्राहक खोने पड़े जबकि रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों की संख्या में क्रमिक आधार पर करीब 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
लॉकडाउन के कारण रीचार्ज के लिए स्टोर का विकल्प न होने और सिम कार्ड के सुदृढीकरण के मद्देनजर अधिकतर विश्लेषकों ने उम्मीद जताई थी कि कंपनी का ग्राहक आधार लगभग स्थिर रहेगा।
तिमाही के दौरान प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) में क्रमिक आधार पर 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जिससे रिलायंस जियो के प्रदर्शन को बल मिला। हालांकि विश्लेषकों का मानना था कि कंपनी के एआरपीयू में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है लेकिन कंपनी का प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा। कंपनी ने कहा कि एआरपीयू में वृद्धि की मुख्य वजहों में दिसंबर तिमाही में की गई शुल्क वृद्धि और ग्राहकों को सुविधाजनक रीचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने के लिए कंपनी द्वारा उठाए गए कदम शामिल हैं।
दिसंबर में की गई शुल्क दरों में वृद्धि और ग्राहकों में सुधार के बावजूद भारती एयरटेल के एआरपीयू में 1.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय रोमिंग राजस्व में गिरावट और लॉकडाउन के कारण सीमित रीचार्ज विकल्प के बावजूद भारतीय एयरटेल के एआरपीयू में वृद्धि दर्ज की गई।
नए ग्राहकों के जुडऩे और एआरपीयू में वृद्धि के बल पर रिलायंस जियो ने राजस्व में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जबकि तिमाही के दौरान भारती एयरटेल के राजस्व में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दमदार राजस्व लाभ के मद्देनजर मार्जिन के मोर्चे पर भी रिलायंस जियो का प्रदर्शन भारती एयरटेल के मुकाबले बेहतर रहा। तिमाही के दौरान जियो का मार्जिन 238 आधार अंक बढ़कर 44 फीसदी हो गया। भारती ने भी मार्जिन में लगातार वृद्धि दर्ज की और तिमाही के दौरान उसका मार्जिन 140 आधार अंकों की बढ़त के साथ करीब 41 फीसदी हो गया।
जियो का कहना है कि मार्जिन के मोर्चे पर लाभ परिचालन एवं कारोबार में विस्तार के कारण हुआ। इसकी झलक राजस्व और लागत दोनों में दिखती है। कंपनी ने स्वचालन का उपयोग बढ़ाया और लागत को नियंत्रित करने के उपाय किए जिससे लाभप्रदता को बल मिला। भारती एयरटेल ने संकेत दिया कि उसके 2जी ग्राहकों के 4जी में अपग्रेड होने और अधिक मूल्य वाले प्लान के कारण एआरपीयू में वृद्धि हुई। कंपनी ने कहा कि शुल्क दरों में वृद्धि की जानी चाहिए क्योंकि सतत परिचालन के लिए एआरपीयू को बढ़ाकर 200 और उसके बाद 300 करने की जरूरत है। दोनों कंपनियों ने कहा कि ग्राहकों में वृद्धि सुधार की राह पर है और आगामी महीनों के दौरान स्थिति में सुधार होना चहिए।

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First Published - August 1, 2020 | 1:06 AM IST

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