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सुधार की उम्मीद से जेट का शेयर 500 प्रतिशत चढ़ा

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:56 AM IST

बंद हो चुकी एयरलाइन जेट एयरवेज (इंडिया) का शेयर पिछले कुछ सप्ताहों में कायाकल्प की उम्मीद से काफी मजबूत हुआ है। सितंबर के अंत के 25 रुपये के मुकाबले यह शेयर शुक्रवार को 163.4 रुपये पर पहुंच गया था। हालांकि सोमवार को यह शेयर बीएसई पर 153.80 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि विश्लेषक इस शेयर में अत्यधिक तेजी के खिलाफ सतर्क बने रहने की सलाह दे रहे हैं।  एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख (रिटेल रिसर्च) दीपक जसानी ने कहा, ‘मैं इस शेयर में कम संभावनाएं देख रहा हूं। निवेशकों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे सिर्फ गति की सवारी कर रहे हैं। यदि संभावित बदलाव नहीं दिखे तो वे स्वयं ही जिम्मेदार होंगे। निवेशकों को या तो कुछ स्टॉप लॉस लगाना चाहिए या आंशिक रूप से मुनाफा कमा लेना चाहिए।’
जसानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2019 के लिए सालाना रिपोर्ट के अनुसार, जेट एयरवेज की नकारात्मक नेटवर्थ 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रही। बाजार पूंजीकरण अब 1,800 करोड़ रुपये से ऊपर है। जसानी के अनुसार, हालांकि वैल्यू बहुत जयादा नहीं है और एयरलाइन के उड़ान भरने से पहले कई बदलावों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ‘अब और परिचालन बहाली के बीच, कई बाधाएं आ सकती हैं।’
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, ‘यह शेयर बढ़ रहा है, क्योंकि एयरलाइन के लिए खरीदार हैं, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि इसका परिचालन पुन: शुरू होगा। लेकिन इससे संबंधित उत्साह के पीछे कोई तक्र नहीं है। निवेशक किसी भी चढ़ते शेयर को खरीद रहे हैं। अब इस कंपनी में कुछ नहीं बचा है। सामान्य तौर पर, इन मामलों में, मौजूदा निवेशकों के लिए कोई संभावनाएं नहीं रह जाती हैं।’
जेट ने अप्रैल 2019 में अपना परिचालन अस्थायी तौर पर बंद किया था। भारतीय स्टेट बैंक इस एयरलाइन को जून 2019 में दिवालिया अदालत में लेकर गया, तब से इस मामले पर विचार चल रहा है। दो बोलीदाताओं ने जुलाई 2020 में समाधान योजनाएं सौंपी थीं। ऋणदाताओं के साथ बातचीत कर इन योजनाओं में बदलाव किए गए थे। तब इन योजनाओं पर अक्टूबर में वोटिंग हुई, जिसमें कैलरॉक कैपिटल-मुरारी लाल जालान कंसोर्टियम आगे आया। मार्च 2019 में जेट एयरवेज के पास 112 विमान थे, जबकि 96 परिचालन लीज पर थे और 13 वित्तीय लीज पर। अब यह संख्या घटकर महज 12 रह गई है, जिनमें छह बोइंग 777, तीन एयरबस 330, और तीन बोइंग 737 विमान हैं।
हालांकि संकट में फंसी कंपनियों के शेयरों में तेजी आने का यह पहला उदाहरण नहीं है। इससे पहले भी संकट का सामना कर रहीं कंपनियों ने शेयर बाजारों पर अच्छी तेजी दर्ज की थी। लैंको इन्फ्राटेक में तीन महीने के दौरान 104.5 प्रतिशत की तेजी आई थी। अपनी रियल एस्टेट परियोजनाएं पूरा करने की चुनौती से जूझ चुकी जेपी इन्फ्राटेक का शेयर तीन महीने की अवधि में 67 प्रतिशत चढ़ गया।
समान अवधि मेंवीडियोकॉन इंडस्ट्रीज में 65.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। रिलायंस कम्युनिकेशंस का शेयर भी उस समय महज एक महीने की अवधि में 216 प्रतिशत की तेजी का रिकॉर्ड बना चुका है।
कोविड-19 महामारी के बाद कॉरपोरेट दिवालिया प्रक्रियाओं को मार्च 2021 तक स्थगित रखा गया है। 

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First Published - January 12, 2021 | 12:35 AM IST

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