facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: कनेक्टेड कारों पर बढ़ा साइबर हमलों का खतरासुरक्षित भोजन के लिए कड़े मानकों की जरूरत, एंटीबायोटिक और कीटनाशक पर सख्त निगरानी जरूरीराज्यों की वित्तीय सेहत पर दबाव, केरल-तमिलनाडु के श्वेत पत्र ने राजकोषीय सुधार की जरूरत दिखाईराज्यों के टैक्स और रॉयल्टी से महंगा होगा लौह अयस्क, स्टील उत्पादन लागत बढ़ने के संकेत: SAIL चेयरमैनअमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उछाल, कीमतें 5% चढ़कर दो हफ्ते के हाई पर पहुंची ट्रंप के बयान से सोने में गिरावट, महंगाई व ब्याज दर बढ़ने की आशंका से बढ़ा दबावSEBI का बड़ा फैसला: FPI और FVCI अब रुपये में जमा कर सकेंगे शुल्क, नए नियम 6 महीने बाद होंगे लागूरुपये में एक महीने की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट, बॉन्ड यील्ड में उछालAI एजेंट भी कर सकेंगे UPI पर लेनदेन! NPCI तैयार करेगा यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉलRBI की FCNR(B) योजना में 60 अरब डॉलर जुटाने की उम्मीद, विदेशी बैंकों की निवेश सीमा बनेगी अहम फैक्टर

जेटीसी से खफा आईटीसी और स्वास्थ्य मंत्रालय

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 10:41 PM IST


जैपनीज टोबैको कंपनी (जेटीसी) के भारतीय संयुक्त उपक्रम में अपनी इक्विटी बढ़ाने के प्रस्ताव ने एक बड़े विवाद को हवा दी है। आईटीसी लिमिटेड और स्वास्थ्य मंत्रालय कंपनी के इस कदम के खिलाफ है और प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्तक्षेप करने के लिए कहा जा रहा है।


जेटीसी ने विदेशी निवेश संवर्द्घन बोर्ड (एफआईपीबी) को प्रस्ताव भेजाथा, जिसमें सिगरेट निर्माण के कारोबार वाली जेटी इंटरनेशनल (इंडिया) लिमिटेड में उसने अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने की मांग की है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का कहना है कि इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति देने की नीति है तो यह विषय औद्योगिक लाइसेंसिंग का विषय है और यह प्रस्ताव सिगरेट बनाने की नई इकाई के लिए नहीं है, इसे मंजूरी मिल सकती है।


प्रधानमंत्री कार्यालय ने आर्थिक मामलों के विभाग को निर्देश दिया है कि टोबैको इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (टीआईआई) और गुंटूर की तंबाकू उत्पादक कल्याण संघ द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश उठाए गए मुद्दों पर अपनी टिप्पणियां भेजे।

Advertisement
First Published - October 1, 2008 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement