जैपनीज टोबैको कंपनी (जेटीसी) के भारतीय संयुक्त उपक्रम में अपनी इक्विटी बढ़ाने के प्रस्ताव ने एक बड़े विवाद को हवा दी है। आईटीसी लिमिटेड और स्वास्थ्य मंत्रालय कंपनी के इस कदम के खिलाफ है और प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्तक्षेप करने के लिए कहा जा रहा है।
जेटीसी ने विदेशी निवेश संवर्द्घन बोर्ड (एफआईपीबी) को प्रस्ताव भेजाथा, जिसमें सिगरेट निर्माण के कारोबार वाली जेटी इंटरनेशनल (इंडिया) लिमिटेड में उसने अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने की मांग की है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का कहना है कि इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति देने की नीति है तो यह विषय औद्योगिक लाइसेंसिंग का विषय है और यह प्रस्ताव सिगरेट बनाने की नई इकाई के लिए नहीं है, इसे मंजूरी मिल सकती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने आर्थिक मामलों के विभाग को निर्देश दिया है कि टोबैको इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (टीआईआई) और गुंटूर की तंबाकू उत्पादक कल्याण संघ द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश उठाए गए मुद्दों पर अपनी टिप्पणियां भेजे।