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पीएसयू की बेकार भूमि पर बनेंगे आईटी पार्क

Last Updated- December 12, 2022 | 5:25 AM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) और सरकारी विभागों की बेची नहीं जा सकने वाली अनुपयोगी पड़ी भूमि पर जल्द आईटी पार्क और विशेष आर्थिक जोन (सेज) बनाए जा सकते हैं। सरकार अनुपयोगी पड़ी भूमि को राजस्व सृजन और वित्तीय रूप से व्यावहारिक परियोजनाओं के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। यह पीएसयू और सरकारी विभागों की अतिरिक्त जमीन को कमाई के जरिया बनाने की तैयारी कर रही है।
एक अधिकारी ने कहा कि इससे ऐसी भूमि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग हो पाएगा, जो वर्षों से इस्तेमाल नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे भूखंडों को मुकदमेबाजी या और भू स्वामित्व जैसी जटिलताओं के कारण बेचना मुश्किल है तो इन्हें कम कीमतों पर बेचने की तुलना में लंबी अवधि के राजस्व के स्रोत में बदलना ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।  वित्त वर्ष 2021-11 के केंद्रीय बजट में जमीन की सीधी बिक्री या कंसेशन के जरिये कमाई के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का प्रस्ताव रखा गया है। यह एसपीवी पीएसयू की भूमि परिसंपत्तियों का अधिग्र्रहण कर सकता है और उन पर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी या आईटी पार्क तथा विशेष आर्थिक जोन (सेज) बना सकता है। अधिकारी ने कहा, ‘स्वामित्व जैसी अड़चनों के कारण जिन भूखंडों को नहीं बेचा जा सकता है, उन्हें वर्षों तक बेकार पड़े रहने की तुलना में इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर है।’
अधिकारी ने कहा कि हालांकि नए एसपीवी में ऐसे विशेषज्ञ होंगे, जो भूमि से संबंधित मुद्दों और विवादों को सुलझाने में विशेषज्ञ होंगे। जो परिसंपत्तियां प्रमुख क्षेत्रों में हैं या शहर के बाहरी इलाके में हैं और उनमें निजी खरीदारों की रुचि नहीं है, उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि मुकदमेबाजी और विवाद मुक्त भूखंडों को निजी खरीदारों को बेचे जाने के आसार हैं। ऐसी भूमि की बिक्री के लिए एक नया ऑनलाइन बोली पोर्टल भी शुरू किया जा रहा है।

First Published - April 28, 2021 | 11:36 PM IST

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