सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉरपोरेशन और यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) को एफटीएसई ग्लोबल इंडाइसेज में शामिल किया जा सकता है। इस हफ्ते इस सूचकांक का तिमाही पुनर्संतुलन होना है। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष श्रीराम वेलायुधन ने कहा, नई कंपनियों के प्रवेश के लिहाज से हमें ऑल वल्र्ड व ऑल कैप इंडेक्स में आईआरएफसी के शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही यूटीआई एएमसी को भी ऑल कैप (स्मॉलकैप) इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है।
चीन की फोसुन फार्मा की अगुआई वाली ग्लैंड फार्मा भी पात्रता मानक पूरे करती है, हालांकि विदेशी निवेश की सीमित गुंजाइश इसकी संभावना को खत्म कर सकती है।
एफटीएसई ग्लोबल इक्विटी इंडाइसेज का तिमाही समायोजन 21 मई को घोषित होगा और इसमें होने वाले बदलाव 18 जून के प्रभावी होंगे। तिमाही समीक्षा के दौरान आईपीओ या डीमर्जर के जरिए सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों पर ही विचार किया जाता है।
वेलायुधन ने कहा, कुल बाजार के नजरिये से यह समीक्षा अहम है। उन्होंने कहा, इस कदम से भारत में 85 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश आ सकता है क्योंकि इंडेक्स प्रदाता भारतीय शेयरों में एफपीआई की संशोधित सीमा की पृष्ठभूमि में आखिरी दौर के नए शेयरधारिता मानदंडों को लागू करता है।
अप्रैल 2020 में भारत सरकार की तरफ से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए निवेश की सीमा बढ़ाए जाने के बाद ग्लोबल इंडेक्स प्रदाताओं एफटीएसई और एमएससीआई ने अपने सूचकांकों में कई देसी शेयरों का भारांक बढ़ाया था।