facebookmetapixel
Advertisement
IMF ने FY27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया, अब 6.4% रहने की उम्मीदMumbai Rain: हर साल की बाढ़ से मिलेगी राहत! ₹13,000 करोड़ का मास्टर प्लान तैयारसरकार ने चीनी कंपनियों को दी एंट्री! क्या भारतीय ट्रांसफॉर्मर कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किलSIP में छोटे शहरों का बड़ा धमाका! यूपी हरियाणा हिमाचल आगे, दिल्ली मुंबई पिछड़ेबॉन्ड बाजार में तेजी के बाद डेट फंड्स में अब कहां बन रहा है पैसा? एक्सपर्ट्स ने बताई सही रणनीतिपीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी: आने लगा ब्याज का पैसा, 15 जुलाई तक देख सकेंगें अपना बैलेंसNFO Alert: टॉप-10 प्राइवेट बैंकों में निवेश का मौका, Kotak MF ने लॉन्च किया नया ETF; ₹1,000 से निवेश शुरू₹1.4 लाख तक गिरेगा सोना, ₹2 लाख का लेवल दिखा सकती है चांदी; निवेशक खरीदें या करें इंतजार?SIP Trend: FY26 में ₹3.40 लाख करोड़ का निवेश; यूपी-हरियाणा-हिमाचल अव्वल, दिल्ली-मुंबई पिछड़ेOrchid Pharma Share Price: रूस में बड़ी डील से ऑर्किड फार्मा के शेयरों में उछाल, 11% तक चढ़ा स्टॉक

मंदी में भी विस्तार करेगी इंडियन होटल्स

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 1:05 AM IST

ताज होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स चेन का संचालन करने वाली इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने अगले दो-तीन साल में मध्यम दर्जे के 12 नए होटल खोलने का फैसला किया है।
टाटा समूह की मध्यम दर्जे के होटलों की कंपनी गेटवे होटल्स के तहत यह विस्तार किया जाएगा। एशिया की सबसे बड़ी होटल कंपनी आईएचसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गेटवे होटल्स के तहत खोले जाने वाले इन होटलों को ठेके के जरिए चलाया जाएगा।
आईएचसीएल की यह विस्तार योजना 7 महीने पहले ही स्थापित हुए गेटवे होटल्स के विस्तार की कोशिशों के बाद तय की गई है। गेटवे होटल्स के मुख्य परिचालन अधिकारी ज्योति नारंग ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ”हम अगले 2-3 साल में प्रबंधन ठेके के तहत 12 नए होटलों की शुरुआत करेंगे। ये होटल गेटवे ब्रांड का हिस्सा होंगे।”
आईएचसीएल के गेटवे ब्रांड के देश में फिलहाल 30 होटल हैं। कंपनी ने अगले कुछ साल में इसे बढ़ाकर 50 तक ले जाने की योजना बनाई है। ताज ब्रांड के तहत चलाए जा रहे करीब 16 होटलों को गेटवे ब्रांड को सौंपा गया था, जबकि इसमें 10 अतिरिक्त होटल जोड़े गए थे। मौजूदा वित्त वर्ष में आईएचसीएल 16 नए होटल और 2080 कमरे जोड़ने वाली है।
फिलहाल कंपनी के पास 86 होटल और 10,300 कमरे हैं। नए होटल बेंगलुरु, वाराणसी, चेन्नई, विजयवाड़ा, तिरुवनंतपुरम और पणजी में खोले जाएंगे। कंपनी की योजना अपने निजी और प्रबंधन वाले होटलों में जोरदार निवेश करने की है। दरअसल इसकी योजना देश के हर जिले के कारोबारी रूप से महत्वपूर्ण जगह पर एक होटल खोलने की है।
जानकारों के मुताबिक, मौजूदा आर्थिक मंदी जिसके चलते देश और विदेश के होटलों पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, उन कंपनियों के लिए यह बेहतरीन समय है जो देश में नए होटल ब्रांड लॉन्च करना चाहती हैं।
एक बडे होटल के अधिकारी ने बताया,, ”देश में कुछ ही ब्रांडेड होटल हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के पास विकल्प भी सीमित होते हैं। ऐसे में अरसे से बाजार में नए ब्रांडों की जरूरत महसूस की जा रही है। मंदी में  जहां बड़े होटलों की हालत खस्ता है, वहीं बजट और मध्यम दर्जे के होटलों का मुनाफा बढ़िया रह रहा है।”
मध्यम और बजट श्रेणी के होटलों की कमी का फायदा उठाने के लिए दुनिया की बड़ी होटल कंपनियां जैसे एमजीएम मिराज हॉस्पिटैलिटी, लैंगहैम होटल्स, मोवेनपिक, एक्कोर हॉस्पिटैलिटी, जुमेरिया जैसी होटल कंपनियां कई तरह के ब्रांड लॉन्च कर रही हैं।
हालांकि, मंदी और आतंकवाद के चलते इस साल देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी होने का अनुमान है। इसके चलते कई होटलों ने अपनी विस्तार योजना टालने या धीमा करने का निर्णय लिया है।
मध्यम दर्जे के 12 होटल खोलने की योजना
गेटवे होटल्स के तहत किया जाएगा विस्तार
नए होटलों को ठेके के आधार पर चलाने की योजना

Advertisement
First Published - April 16, 2009 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement