ताज होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स चेन का संचालन करने वाली इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने अगले दो-तीन साल में मध्यम दर्जे के 12 नए होटल खोलने का फैसला किया है।
टाटा समूह की मध्यम दर्जे के होटलों की कंपनी गेटवे होटल्स के तहत यह विस्तार किया जाएगा। एशिया की सबसे बड़ी होटल कंपनी आईएचसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गेटवे होटल्स के तहत खोले जाने वाले इन होटलों को ठेके के जरिए चलाया जाएगा।
आईएचसीएल की यह विस्तार योजना 7 महीने पहले ही स्थापित हुए गेटवे होटल्स के विस्तार की कोशिशों के बाद तय की गई है। गेटवे होटल्स के मुख्य परिचालन अधिकारी ज्योति नारंग ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ”हम अगले 2-3 साल में प्रबंधन ठेके के तहत 12 नए होटलों की शुरुआत करेंगे। ये होटल गेटवे ब्रांड का हिस्सा होंगे।”
आईएचसीएल के गेटवे ब्रांड के देश में फिलहाल 30 होटल हैं। कंपनी ने अगले कुछ साल में इसे बढ़ाकर 50 तक ले जाने की योजना बनाई है। ताज ब्रांड के तहत चलाए जा रहे करीब 16 होटलों को गेटवे ब्रांड को सौंपा गया था, जबकि इसमें 10 अतिरिक्त होटल जोड़े गए थे। मौजूदा वित्त वर्ष में आईएचसीएल 16 नए होटल और 2080 कमरे जोड़ने वाली है।
फिलहाल कंपनी के पास 86 होटल और 10,300 कमरे हैं। नए होटल बेंगलुरु, वाराणसी, चेन्नई, विजयवाड़ा, तिरुवनंतपुरम और पणजी में खोले जाएंगे। कंपनी की योजना अपने निजी और प्रबंधन वाले होटलों में जोरदार निवेश करने की है। दरअसल इसकी योजना देश के हर जिले के कारोबारी रूप से महत्वपूर्ण जगह पर एक होटल खोलने की है।
जानकारों के मुताबिक, मौजूदा आर्थिक मंदी जिसके चलते देश और विदेश के होटलों पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, उन कंपनियों के लिए यह बेहतरीन समय है जो देश में नए होटल ब्रांड लॉन्च करना चाहती हैं।
एक बडे होटल के अधिकारी ने बताया,, ”देश में कुछ ही ब्रांडेड होटल हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के पास विकल्प भी सीमित होते हैं। ऐसे में अरसे से बाजार में नए ब्रांडों की जरूरत महसूस की जा रही है। मंदी में जहां बड़े होटलों की हालत खस्ता है, वहीं बजट और मध्यम दर्जे के होटलों का मुनाफा बढ़िया रह रहा है।”
मध्यम और बजट श्रेणी के होटलों की कमी का फायदा उठाने के लिए दुनिया की बड़ी होटल कंपनियां जैसे एमजीएम मिराज हॉस्पिटैलिटी, लैंगहैम होटल्स, मोवेनपिक, एक्कोर हॉस्पिटैलिटी, जुमेरिया जैसी होटल कंपनियां कई तरह के ब्रांड लॉन्च कर रही हैं।
हालांकि, मंदी और आतंकवाद के चलते इस साल देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी होने का अनुमान है। इसके चलते कई होटलों ने अपनी विस्तार योजना टालने या धीमा करने का निर्णय लिया है।
मध्यम दर्जे के 12 होटल खोलने की योजना
गेटवे होटल्स के तहत किया जाएगा विस्तार
नए होटलों को ठेके के आधार पर चलाने की योजना