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भारत स्थिर वृद्धि की राह पर, डेमोग्राफी और सुधार से मिल रहा सहारा: एन. चंद्रशेखरन

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एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि प्रीमियम की चाहत, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती और सुविधा जैसे उपभोक्ता रुझान जोर पकड़ रहे हैं तथा क्विक कॉमर्स में तेजी से वृद्धि देखी गई है।

Last Updated- May 27, 2025 | 9:06 AM IST
Tata Sons Chairman N Chandrasekaran

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने वित्त वर्ष 25 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि अस्थिर वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच भारत आर्थिक वृद्धि के बेहतर स्थानों में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की दीर्घावधि वृद्धि को दमदार जनसांख्यिकी और आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों तथा मौजूदा बुनियादी ढांचा सुधारों का सहारा मिला हुआ है।

उन्होंने कंपनी के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत का निकट भविष्य का व्यापक आर्थिक परिदृश्य 2025 में स्थिर वृद्धि की उम्मीद, घटती महंगाई और मौजूदा मौद्रिक सुगमता के साथ मजबूत बना हुआ है। अमेरिका के साथ भारत का सीधा कारोबार सीमित है क्योंकि अमेरिका को किया जाने वाला उसका वस्तु निर्यात उसके जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के केवल दो प्रतिशत से थोड़ा ही ज्यादा है और यह उभरते बाजारों में सबसे कम में से एक है।’

उन्होंने यह भी बताया कि प्रीमियम की चाहत, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती और सुविधा जैसे उपभोक्ता रुझान जोर पकड़ रहे हैं तथा क्विक कॉमर्स में तेजी से वृद्धि देखी गई है। लेकिन साथ ही भौतिक वितरण भी काफी प्रासंगिक बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के अनिश्चित और जटिल वैश्विक माहौल में कंपनियों को स्फूर्त और सक्रिय रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘मजबूत, लचीली और स्पष्ट आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है। जेन एआई, रोबोटिक्स और ब्लॉकचेन जैसी उभरती प्रौद्योगिकी केवल चर्चा का विषय नहीं बल्कि जरूरी माध्यम हैं। वैश्विक स्तर पर ग्रीन एनर्जी की दिशा में बढ़ने के मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है और यह बदलाव प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, अक्षय ऊर्जा, हाइड्रोजन और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन में भारी निवेश को बढ़ावा दे रहा है।’ उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन रुझानों को अपनी रणनीतियों में शामिल करना चाहिए तथा स्फूर्ति और निरंतर प्रगति की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए।

दैनिक उपभोक्ता वस्तु (FMCG) क्षेत्र के बारे में उनका मानना है कि यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसलिए ब्रांडों की हर उस जगह मौजूदगी महत्त्वपूर्ण है जहां उपभोक्ता हो। उन्होंने कहा, ‘भारत में हमने अपने बिक्री और वितरण के विस्तार में लगातार प्रगति की और उसकी कुल पहुंच 44 लाख खुदरा आउटलेट तक है। हमने सेल्सफोर्स उत्पादकता और बढ़ाने के लिए अगली पीढ़ी वाली वितरण प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन पूरा कर लिया है। आधुनिक व्यापार और ई-कॉमर्स/क्विक कॉमर्स वृद्धि के दमदार संचालक बने हुए हैं और हमने फार्मेसी तथा होटल, रेस्तरां और कैटरिंग (होरेके) चैनल बनाने शुरू कर दिए हैं।’

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First Published - May 27, 2025 | 8:47 AM IST

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