मिस्त्री की याचिका पर सुनवाई आज

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:51 PM IST

टाटा समूह और अरबपति मिस्त्री परिवार के बीच कानूनी जंग के अंतिम दौर के लिए मैदान तैयार है। इस मामले में मिस्त्री परिवार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई होगी। मिस्त्री परिवार ने मार्च 2021 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें साइरस मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड से अक्टूबर 2016 में हटाए जाने के लिए सहमति जताई गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय मिस्त्री द्वारा दायर उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा जिसमें शीर्ष न्यायालय के आदेश में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल टिप्पणी की गई है।
वकील ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए काफी कुछ इस फैसले पर टिका होगा, खासकर ऐसे समय में जब मिस्त्री परिवार टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस प्राइवेट में अपनी 18.4 फीसदी हिस्सेदारी के कुछ हिस्से को गिरवी रखकर रकम जुटाने की कोशिश कर रहा है। टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन चुकी है जिससे टाटा समूह की अनुमति के बिना कंपनी में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री अथवा उसे गिरवी रखना मिस्त्री के लिए आसान नहीं रह गया है। टाटा समूह की इस प्रमुख होल्डिंग कंपनी में टाटा ट्रस्ट्स की 66 फीसदी हिस्सेदारी है।
कानून फर्म डीएसके लीगल के पार्टनर नीरव शाह ने कहा, ‘मिस्त्री परिवार ने अपनी पुनर्विचार याचिका में पर्याप्त कानूनी सवाल उठाए हैं। उन्हींं सवालों के आधार पर परिवार ने कहा है कि यदि इस मामले में फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो न्याय की अवहेलना होगी।’
वकीलों ने यह भी कहा कि टाटा समूह मौजूदा स्थिति में कोई प्रतिकूल फैसला नहीं चाहेगा, खासकर ऐसे समय में जब वह चार साल तक कानूनी लड़ाई लडऩे के बाद जीत हासिल की है और इसी जीत के साथ मिस्त्री परिवार के साथ उसकी लड़ाई खत्म हुई थी।
एक वरिष्ठ वकील ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘इसमें काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है क्योंकि टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों में हिस्सेदारी के साथ टाटा संस के पास अरबों डॉलर की रकम मौजूद है।’ उन्होंने कहा, ‘टाटा समूह की सभी कंपनियों के शेयर मूल्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान जबरदस्त तेजी आई है। इससे मिस्त्री परिवार को कई अरब डॉलर की संपत्ति जोडऩे में मदद मिली है।’
सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले साल अपने आदेश में टाटा संस प्राइवेट के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन की धारा 75 के प्रावधानों पर गौर नहीं किया था। इसमें कहा गया है कि कंपनी किसी भी समय एक विशेष प्रस्ताव के जरिये किसी भी सामान्य शेयरधारकों को उनके शेयरों को हस्तांतरित करने की अनुमति दे सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि एसपी ग्रुप के शेयरों का मूल्यांकन सूचीबद्ध एवं गैर सूचीबद्ध कंपनियों मं टाटा संस की हिस्सेदारी के मूल्य  और अचल संपत्तियों आदि पर  निर्भर करेगा।

First Published : March 8, 2022 | 11:16 PM IST