आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजिज के चौथी तिमाही के नतीजे पर ज्यादा कर और एकबारगी बोनस भुगतान का असर पड़ा। कंपनी ने चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 64.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की और यह 1,111 करोड़ रुपये रहा। क्रमिक आधार पर मुनाफे में 72 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। कर के लिए प्रावधान चौथी तिमाही में दोगुना होकर 1,191 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी का मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर रहा, जिन्होंने चौथी तिमाही में तिमाही आधार पर मुनाफे में 26-31 फीसदी की गिरावट और सालाना आधार पर 6.5-13 फीसदी तक की गिरावट का अनुमान लगाया था।
एकबारगी के बोनस भुगतान को शामिल कर लें तो कंपनी का शुद्ध लाभ मार्च 2021 की तिमाही में 2,387 करोड़ रुपये रहा। फरवरी 2021 में कर्मचारियों को विशेष बोनस के तौर पर दिया गया, जो करीब 9 करोड़ डॉलर था, जिसमें कुछ देशों में लगा कर शामिल है। रुपये के लिहाज से यह 728 करोड़ रुपये बैठता है।
नोएडा की कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 में राजस्व में स्थायी मुद्रा के लिहाज से दो अंकों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है और उसे उम्मीद है कि एबिटा मार्जिन 19 फीसदी से 21 फीसदी के बीच होगा।
साल में कंपनी का राजस्व रुपये के लिहाज से 6.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 75,378 करोड़ रुपये रहा जबकि स्थायी मुद्रा के लिहाज से उसमें 1.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इसके अलावा एबिटा मार्जिन इस अवधि में 21.4 फीसदी रहा।
एचसीएल टेक के चेयरमैन और मुख्य रणनीति अधिकारी शिव नाडर ने कहा, मौजूदा कोविड-19 महामारी ने हमारी दुनिया में खासा बदलाव किया है – दुनिया भर के समाज में, कारोबार में और हमारे व्यक्तिगत जीवन को भी उसने प्रभावित किया है। साथ ही हमारे परिजनों, मित्रों और सहयोगियों को भी प्रभावित किया है। पिछले साल हमने महामारी के अवरोध से उबरने के लिए लगातार काम किया, जो मानव के उत्साह का संकेत है। एंटरप्राइज ने भी बदले हुए कारोबारी माहौल को अपनाते हुए काम किया और यह काम अगली पीढ़ी की तकनीक को अपनाकर हुआ।
कंपनी ने 6 रुपये प्रति शेयर का लाभांश घोषित किया है और 10 रुपये प्रति शेयर का विशेष अंतरिम लाभांश कंपनी के 10 अरब डॉलर का मील का पत्थर पार करने के लिए घोषित किया है। कुल अंतरिम लाभांश 16 ररुपये प्रति शेयर है और इस तरह से पूरे साल का लाभांश 26 रुपये प्रति शेयर हो गया है।
फर्म ने तिमाही में सबसे ज्यादा सौदे 3.1 अरब डॉलर के हासिल किए, जो सालाना आधार पर 49 फीसदी ज्यादा है।
कंपनी के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी अप्पाराव वीवी ने कहा, तिमाही में नौकरी छोडऩे की दर 9.9 फीसदी थी, जो पिछली तिमाही के 10.2 फीसदी के मुकाबले कम है। कंपनी को उम्मीद थी कि यह थोड़ा बढ़ेगा, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। हमने 15,500 फ्रेशर की नियुक्ति की है, जो पिछले चार या पांच वित्त वर्षों में हमने किया था।
कंपनी के सीईओ सी विजयकुमार ने कहा, हम आगामी वित्त वर्ष में शुरुआती स्तर के 15,000 से ज्यादा कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगे, जो न सिर्फ भारत बल्कि अन्य इलाकों में भी होगा और इसमें अमेरिका व कनाडा शामिल है।
विजयकुमार ने कहा, कंपनी के लिए कर की प्रभावी दर 21.9 फीसदी रही।