सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के लिए उद्यम-स्तरीय प्रमुख प्रदर्शन संकेतक तैयार किया है। इसमें पांच वर्षों में 85 प्रतिशत के दावा निपटान अनुपात (आईसीआर) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी तुलना उद्योग के 82.9 प्रतिशत के आईसीआर से की जाती है जबकि चार सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों का आईसीआर 2025 में 97.3 प्रतिशत था।
बीमा कंपनियों को हर साल अपने समूह चिकित्सा कवरेज के आईसीआर में 3 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्हें अगले पांच वर्षों में खुदरा स्वास्थ्य में अपनी बाजार हिस्सेदारी में सालाना कम से कम 5 प्रतिशत की वृद्धि करनी होगी। स्वास्थ्य खंड में 90 प्रतिशत से अधिक आईसीआर वाले किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय को अपने प्रधान कार्यालय की निगरानी में इसका कारण बताना होगा।
सरकार की ओर से सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को भेजे गए संदेश के अनुसार प्रदर्शन संकेतक परिचालन रणनीतियों, ग्राहक-केंद्रित उपायों, आईटी रणनीति, मानव संसाधन रणनीति और अनुपालन रणनीति तक फैले हुए हैं।बीमा कंपनियों को स्वास्थ्य बीमा में उच्च हानि अनुपात के मूल कारण की पहचान करने और नुकसान को कम करने के लिए कार्रवाई करने का भी काम सौंपा गया है।
साथ ही यदि संभव हो तो चयनित स्वास्थ्य पॉलिसियों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की शुरुआत करने का सुझाव दिया गया है, जिसके लिए बीमांकिक मूल्य निर्धारण का समर्थन हो और इससे हानि अनुपात को कम किया जा सकेगा। कैशलेस क्लेम का कम प्रतिशत एक और ऐसा क्षेत्र है जिसे सरकार ने बीमा कंपनियों को सुधारने के लिए कहा है।