थ्रीजी मुद्दों को सुलझाने के लिए मंत्रियों का समूह (जीओएम) फरवरी के पहले हफ्ते तक गठित होने की संभावना है।
यह समूह इस मुद्दे के अलावा यह भी तय करेगा कि प्रत्येक सर्किल में 3जी के लिए कितने लाइसेंस दिए जायें। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट सचिवालय नए जीओएम के बारे में 6 फरवरी तक अधिसूचना जारी कर सकता है।
चर्चा है कि इस समूह की अध्यक्षता विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी करेंगे। यह समूह 3जी की नीलामी के लिए न्यूनतम सरकारी बोली और रेडियो फ्रीक्वेंसी से जुडे विषयों पर विचार करेगा।
समूह में दूरसंचार, कृषि, रेल, इस्पात, विधि, वाणिज्य, और वित्त विभाग के मंत्री भी शामिल किए जाएंगे। 3जी मुद्दे पर मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में निर्णय न हो पाने की वजह से मंत्रियों के नए समूह के गठन का निर्णय किया गया है।
अब मुश्किल लगता है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 3जी लाइसेंस जारी किए जा सकेगें, क्योंकि आम चुनावों का समय नजदीक आ गया है। इसके बावजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि 3जी लाइसेंस इसी सरकार के कार्यकाल में जारी किए जा सकते हैं।