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Zomato-Swiggy-Uber पर सरकार की सख्ती, गिग वर्कर्स का पूरा डेटा मांगा

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गिग वर्कर का ब्योरा मुहैया कराने के लिए प्लेटफॉर्मों ने मांगा वक्त

Last Updated- June 19, 2026 | 8:11 AM IST
Gig workers

प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने गिग और प्लेटफॉर्म कर्मियों की पूरी जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर उपलब्ध कराने के लिए अधिक समय मांगा है। श्रम संहिता के एक प्रावधान के तहत यह ब्योरा देना जरूरी है और सरकार ने इसके लिए 21 जून तक का समय तय किया है। अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफॉर्मों ने कर्मियों की जानकारी जुटाने और सत्यापित करने में कामकाजी तथा तकनीकी चुनौतियों का हवाला देते हुए यह गुजारिश की है।

यह प्रावधान सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत तैयार की जा रही व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका मकसद गिग और प्लेटफॉर्म कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा संबंधी के लाभ प्रदान करना है। इस प्रक्रिया के तहत डिलिवरी प्लेटफॉर्म जैसे एग्रीगेटरों को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मियों का विवरण श्रम मंत्रालय द्वारा बनाई जा रही केंद्रीय प्रणाली में जमा कराना आवश्यक है।

अधिकारियों के अनुसार कई प्लेटफॉर्मों ने सरकार को सूचित किया है कि उन्हें कर्मियों की जानकारी जुटाने, सत्यापित करने और अपलोड करने के लिए ज्यादा समय की जरूरत पड़ सकती है। श्रम मंत्रालय ने 1 जून के सर्कुलर में इस कवायद के लिए आखिरी तारीख 21 जून मुकर्रर की थी मगर उससे ऐन पहले यह अनुरोध आ गया है। सर्कुलर में एग्रीगेटरों को ई-श्रम पोर्टल पर आने और ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) को उससे जोड़ने का निर्देश दिया गया था।

सामाजिक सुरक्षा (केंद्रीय) नियम, 2026 के नियम 48(2) के अंतर्गत जारी इस सर्कुलर में गिग तथा प्लेटफॉर्म कर्मियों की जानकारी सरकार को ऑनलाइन देने का निर्देश प्लेटफॉर्मों को दिया गया था ताकि कर्मियों का केंद्रीकृत डेटाबेस बन सके और उन्हें सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जा सकें।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़े प्लेटफॉर्मों में जोमैटो की मूल कंपनी इटर्नल लिमिटेड और ब्लिंकइट ने यह कवायद पहले ही पूरी कर ली है। स्विगी और उबर अभी इस काम में जुटे हैं और जरूरी जानकारी जल्द ही जमा कर सकते हैं। इस बारे में जानकारी के लिए इटर्नल, स्विगी और उबर को ईमेल भेजा गया था, जिसका जवाब खबर लिखे जाने तक नहीं आया। यह कवायद गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रावधान लागू करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है।

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First Published - June 19, 2026 | 8:11 AM IST

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