फ्यूचर एंटरप्राइजेज का बोर्ड अपना पूरा खुदरा कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने का सौदा करने के लिए शनिवार को बैठक करेगा। लेकिन भारतीय ऋणदाताओं ने कंपनी को दोनों बीमा उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी जल्द बेचने को कहा है ताकि समूह अपने ऊपर कर्ज का बोझ कम कर सके।
फ्यूचर एंटरप्राइजेज की सामान्य बीमा कारोबार में 49.1 फीसदी और जीवन बीमा कारोबार में 33 फीसदी हिस्सेदारी है। हालांकि एसबीआई जेनरल अपना सामान्य बीमा कारोबार का फ्यूचर जेनेराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में विलय करने को तैयार है। लेकिन जीवन बीमा कारोबार के लिए खरीदार की तलाश जारी है। एसबीआई जेनरल पहले ही फ्यूचर के सामान्य बीमा उपक्रम को खुद में मिलाने के लिए एक अलग टीम गठित कर चुकी है। विक्रेता की तरफ से खरीदार को दिए जाने वाले दस्तावेज के मुताबिक सामान्य बीमा कारोबार की बुक वैल्यू 366 करोड़ रुपये अनुमानित है। जीवन बीमा कारोबार की बुक वैल्यू 464 करोड़ रुपये है।
बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि आरआईएल को खुदरा कारोबार की बिक्री के बाद भी ऋणदाताओं को अपना पूरा बकाया नहीं मिल पाने के आसार हैं क्योंकि आरआईएल ने बैंकों से फ्यूूचर पर बकाया 12,000 करोड़ रुपये में से 40 फीसदी कम लेने को कहा है। बैंकों का फ्यूचर समूह की प्रवर्तक कंपनियों पर 11,970 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज है। सौदे की खबरों से समूह के शेयर चढ़े हैं। फ्यूचर समूह की सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 14,000 करोड़ रुपये का स्तर पार कर गया।
रिलायंस ने फ्यूचर के वेंडरों से भी अपने पिछले बकाये में से करीब 40 फीसदी कम लेने को कहा है। आईटीसी और एचयूएल समेत देश की शीर्ष उपभोक्ता उत्पाद कंपनियां फ्यूचर रिटेल स्टारों की आपूर्तिकर्ता हैं। बहुत से वेंडरों ने शिकायत की है कि उन्हें इस साल की शुरुआत से अपने बकाये का भुगतान नहीं किया गया।
बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि भारतीय ऋणदाता चाहते हैं कि सौदा 31 अगस्त को मॉरेटोरियम खत्म होने से पहले ही हो जाए। फ्यूचर समूह की कंपनियों ने मार्च के अंत में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा घोषित कोरोना महामारी मॉरेटोरियम पैकेज का लाभ लिया है। लॉकडाउन जारी है, इसलिए फ्यूचर समूह के बहुत से स्टोर बंद हैं और उसकी नकदी आवक बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऋणदाताओं और आरआईएल की योजना के मुताबिक फ्यूचर समूह की सभी सूचीबद्ध कंपनियों का फ्यूचर एंटरप्राइजेज में विलय किया जाएगा। फिर आरआईएल विलय के बाद बनने वाली कंपनी में 8,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस कंपनी में खुदरा कारोबार भी शामिल है।
आरआईएल ने छानबीन के दौरान सभी वित्तीय दस्तावेज मांगे थे। इसने फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के विभिन्न कारोबारी खंडों की वित्तीय जानकारियां मांगी थीं, जिनमें पूंजीगत व्यय का ब्योरा, सकल मार्जिन का ब्योरा, वित्तीय सुुविधा उपयोगिता ब्योरे आदि शामिल थे।