फ्लिपकार्ट करेगी वॉलमार्ट इंडिया का अधिग्रहण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 4:26 AM IST

भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में बढ़ती प्रतिस्पद्र्घा को देखते हुए फ्लिपकार्ट थोक कारोबार में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए वॉलमार्ट इंडिया का अधिग्रहण करेगी। वॉलमार्ट इंडिया बेस्ट प्राइस नाम से थोक कारोबार चलाती है। इस सौदे के साथ ही वॉलमार्ट की बहुलांश हिस्सेदारी वाली कंपनी ने फ्लिपकार्ट होलसेल नाम से नया डिजिटल मार्केटप्लेस शुरू करने की घोषणा की है। इसके जरिये तकनीक की मदद से किराना रिटेल में बदलाव लाया जाएगा।
कंपनी ने कहा कि वॉलमार्ट इंडिया देश भर में 28 बेस्ट प्राइस होलसेल स्टोर का परिचालन कर रही है और इसके कर्मचारियों की संख्या करीब 3,500 है। अधिग्रहण के बाद वॉलमार्ट इंडिया के कर्मचारी फ्लिपकार्ट समूह में शामिल हो जाएंगे और बेस्ट प्राइस ब्रांड का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।
फ्लिपकार्ट समूह के मुख्य कार्याधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट होलसेल शुरू करने के साथ ही हमारा लक्ष्य देश भर के छोटे कारोबारों के लिए अपनी तकनीक, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय क्षमता में इजाफा करना है।’ उन्होंने कहा, ‘वॉलमार्ट इंडिया के अधिग्रहण से थोक कारोबार में व्यापक अनुभव वाली प्रतिभा हमारे साथ जुड़ेंगी जिससे हम किराना और एमएसएमई की जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से पूरा करने में सक्षम होंगे।’
वर्ष 2018 में वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर का निवेश कर फ्लिपकार्ट में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी। इसी महीने वॉलमार्ट की अगुआई में फ्लिपकार्ट में 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया गया है जिससे ई-कॉमर्स कंपनी का मूल्यांकन 24.9 अरब डॉलर हो गया है।
फ्लिपकार्ट होलसेल का नेतृत्व कंपनी के पुराने दिग्गज आदर्श मेनन के जिम्मे होगा। इस कारोबार का परिचालन अगस्त 2020 में प्रायोगिक तौर पर किराना और फैशन उत्पादों के साथ किया जाएगा। एकीकरण पूरा होने तक वॉलमार्ट इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी समीर अग्रवाल कंपनी में बने रहेंगे, और उसके बाद वॉलमार्ट में चले जाएंगे।
वॉलमार्ट इंडिया का अधिग्रहण और फ्लिपकार्ट होलसेल शुरू करने से फ्लिपकार्ट को जेफ बेजोस की अगुआई वाली एमेजॉन और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियोमार्ट से प्रतिस्पद्र्घा करने में मदद मिलेगी। ये दोनों कंपनियों ने तेजी से किराना और स्थानीय दुकानों को अपने साथ जोड़ रही हैं तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कारोबार का भी एकीकरण कर रही हैं।
फोरेस्टर रिसर्च में वरिष्ठ अनुमान विश्लेषक सतीश मीणा के अनुसार यह अधिग्रहण खासा अहम है, क्योंकि सभी यह मानने लगे हैं कि स्थानीय किराना स्टोर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। खुदरा बाजार में इनकी हिस्सेदारी लगभग 80 फीसदी है। मीणा ने कहा, ‘अब फ्लिपकार्ट के पास अचानक 16 लाख से अधिक साझेदार हो गए हैं, जिनमें छोटे कारोबार एवं किराना स्टोर भी शामिल हैं। इससे फ्लिपकार्ट को मजबूत शुरुआत करने में मदद मिलेगी। हालांकि जियोमार्ट और एमेजॉन की नजर भी किराना स्टोरों पर है और फ्लिपकार्ट नहीं चाहती कि ये उन दोनों कंपनियों के पास जाएं।’ देश में खुदरा बाजार 1.2 लाख करोड़ रुपये का है और इनमें केवल 7 फीसदी कारोबार ही ऑनलाइन माध्यम से होता है। ये कंपनियां शेष बची 93 फीसदी हिस्सेदारी अपने पाले में करने में जुट गई हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि अब कारोबारी चलन बदल गया है, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद इसमें काफी बदलाव आए हैं। यह अधिग्रहण भी इसी की परिणति है।
मीणा ने कहा, ‘कोविड-19 के बाद काफी कुछ बदल गया है। अब छोटे कारोबारी भी तकनीक से जुडऩा चाहते हैं। जियोमार्ट के मैदान में आने के बाद फ्लिपकार्ट के लिए अपनी गतिविधियां तेज करना काफी अहम हो गया है।’ एमेजॉन अब तक भारतीय बाजार में 6.5 अरब डॉलर निवेश की बात कही है, जिनमें जनवरी में 1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी शामिल है। कंपनी ने एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत भारत में हजारों छोटे दुकान किराना सामान एवं अन्य जरूरी वस्तुएं मुहैया करने के लिए इसके साथ जुड़ जाएंगे। फ्लिपकार्ट छोटे कारोबारों को आकर्षक योजनाओं एवं प्रात्सोहनों की पेशकश कर रही है। इसके अलावा किराना एवं एमएसएमई को आसानी से कर्ज भी उपलबध होंगे, साथ ही कंपनी की विभिन्न गतिविधियों से इनके लिए आय सृजित करने के नए अवसर भी सामने आएंगे।
वॉलमार्ट इंटरनैशनल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी जुडिथ मैकेना ने कहा, ‘वॉलमार्ट इंडिया का खुदरा कारोबार और फ्लिपकार्ट के नवाचार अब एक साथ आ गए हैं, जिससे फ्लिपकार्ट होलसेल की शुरुआत हुई है। दोनों के साथ आने से तैयार हुई नई टीम एक दूसरी की खूबियों का फायदा भारतीय कारोबार को बढऩे और सफल होने में मदद करेगी।’

First Published : July 23, 2020 | 10:52 PM IST