सॉफ्टबैंक और सिकोया के निवेश वाली एडुटेक यूनिकॉर्न अनअकेडमी ने आशंका जताई है कि अगले 18 से 24 महीनों के दौरान वित्त पोषण की रफ्तार थम सकती है। ऐसे में कंपनी हरसंभव लागत में कटौती करेगी ताकि वह लाभप्रद बरकरार रहते हुए इस दौर से उबर सके। हाल में अनअकेडमी ने 600 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है।
अनअकेडमी के सह-संस्थापक एवं सीईओ गौरव मुंजाल ने कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘मंदी आ गई है। हमारी नजर एक ऐसे दौर पर है जब वित्त पोषण की रफ्तार 12 से 18 महीनों के लिए थम जाएगी। हमें उसके लिए तैयार रहना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह हम सब के लिए परीक्षा की घड़ी है। हमें बाधाओं के बीच काम करना सीखना होगा और हमें किसी भी कीमत पर लाभप्रदता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हम इस मंदी से जरूर उबर जाएंगे।’
पिछले साल अगस्त में अनअकेडमी ने टेमासेक और जनरल अटलांटिक के नेतृत्व में 44 करोड़ डॉलर जुटाए थे। उस निवेश दौर में टाइगर ग्लोबल और सॉफ्टबैंक विजन फंड ने अन्य निवेशक के तौर पर भाग लिया था। उस वित्त पोषण के बाद अनअकेडमी ग्रुप का मूल्यांकन बढ़कर 3.44 अरब डॉलर हो गया था। नवंबर 2020 में उसका मूल्यांकन 2 अरब डॉलर था। अनअकेडमी ग्रुप का मूल्यांकन महज 18 महीनों में करीब 10 गुना बढ़ गया। विश्लेषकों का कहना है कि भारत में किसी मिड-स्टेज उपभोक्ता इंटरनेट स्टार्टअप की यह सबसे अधिक वृद्धि दर है।
मुंजाल ने लिखा है कि कंपनी आगे लागत में कटौती पर प्रमुखता से ध्यान केंद्रित करेगी। इसी क्रम में कंपनी ने अपने ब्रांड मार्केटिंग बजट में उल्लेखनीय कटौती की है। कंपनी खुद के दम पर कारोबार के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों के दौरान हरेक इकाई लाभप्रद होना चाहिए। अनअकेडमी केंद्रों को वित्त वर्ष 2023 में लाभप्रद होना चाहिए।