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डीएचएफएल: बोली चयन में हो निष्पक्षता

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:36 AM IST

आवास वित्त कंपनी डीएचएफएल के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल ओकट्री कैपिटल ने विजेता बोली के चयन में निष्पक्ष एवं प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया को अपनाए जाने की मांग की है। गिरवी के साथ ऋण देने वाली इस कंपनी को हासिल करने की दौड़ में ओकट्री और पीरामल ग्रुप के बीच गलाकाट प्रतिस्पर्धा दिख रही है। कंपनी के लिए बोलीदाता के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
अदाणी समूह भी इस दौड़ में शामिल है। विजेता का चयन करने के लिए लेनदारों के बीच मतदान की प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होने वाली है। एक वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि ओकट्री ने चिंता जताई है कि लेनदारों की समिति की अंतिम बैठक से पहले चयन प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। कंपनी ने लेनदारों और भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर बोली चयन प्रक्रिया में सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। ओकट्री ने दिवालिया कानून के एक सिद्धांत के तौर पर मूल्य को अधिकतम किए जाने के पक्ष में दलील दी है। यह तीसरे और चौथे दौर की बोली का आधार रहा है।
एक बैंकर ने कहा कि शुरू में घोषणा की गई थी कि समाधान प्रक्रिया दो चरणों में होगी। इसके बावजूद ओकट्री ने बोली चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है। डीएचएफएल कॉरपोरेट ऋण शोधन अक्षमता समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) से गुजर रही है और फिलहाल उसका प्रबंधन एक प्रशासक द्वारा किया जा रहा है जिसे एक सलाहकार समिति द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। इन दोनों की नियुक्ति आरबीआई द्वारा की गई है।
सभी लेनदारों ने डीएचएफएल में फंसी अपनी रकम के लिए उचित प्रावधान किए हैं। यह किसी वित्तीय सेवा कंपनी के खिलाफ ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया प्रक्रिया (आईबीसी) के तहत कार्रवाई का पहला मामला है। भारतीय रिजर्व बैंक इस मामले में एक प्रभावी समाधान देखना चाहता है।
अमेरिका की परिसंपत्ति प्रबंधन फर्म ओकट्री कैपिटल पूरी कंपनी के लिए 36,646 करोड़ रुपये की सर्वाधिक पेशकश के साथ सबसे बड़ी बोलीदाता के तौर पर उभरी है। इस पेशकश में 11,646 करोड़ रुपये का अग्रिम नकदी और लेनदारों के भुगतान शामिल हैं।
इस प्रस्ताव के तहत 1,500 करोड़ रुपये को रोक लिया गया है जिसका भुगतान डीएचएफएल की बीमा इकाई के बिकने और सभी कर देनदारियों के पूरा होने पर किया जाएगा। हालांकि पीरामल समूह ने 13,000 करोड़ रुपये की अग्रिम की रकम और शेष 35,550 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान करने की पेशकश की है।
समूह ने खुदरा पोर्टफोलियो के लिए 26,500 करोड़ रुपये का दूसरा प्रस्ताव भी किया है।

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First Published - December 23, 2020 | 11:33 PM IST

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