अमेरिका की दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक अपनी सहायक व्हाट्सऐप के उपयोगकर्ताओं की चिंता दूर करने के लिए अगले कुछ महीनों में एक बड़ा संपर्क अभियान शुरू करने की योजना बना रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इसमें विज्ञापन अभियान, सरकार में भागीदारों और उपयोगकर्ताओं के साथ संवाद शामिल है।
संदेश साफ : निजता नीति में बदलाव स्पष्ट है। इसमें सहमति की जरूरत केवल उन उपयोगकर्ताओं तक सीमित है, जो व्हाट्सऐप के 1.9 करोड़ कारोबारी खातों से बातचीत कर रहे हैं। केवल इन्हीं मामलों में उपयोगकर्ता द्वारा कारोबार या व्यापारी को भेजी गई सूचना के लिए व्हाट्सऐप का कारोबारी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें इस सूचना का इस्तेमाल उपयोगकर्ता के फेसबुक या इंस्टाग्राम खाते में विज्ञापन दिखाने में किया जा सकता है। हालांकि व्हाट्सऐप किन्हीं दो लोगों के बीच बातचीत की सामग्री साझा नहीं कर सकती है क्योंकि सभी चैट एनक्रिप्टेड होती हैं। आसान शब्दों में कहें तो एक सामान्य व्हाट्सऐप उपयोगकर्ता किसी कारोबारी व्हाट्सऐप खाते को एक चैट मैसेज भेज सकता है और उनसे साडिय़ों का कैटलॉग साझा करने को कह सकता है। कारोबारी उपयोगकर्ता इस सूचना का इस्तेमाल कर सकता है और उस उत्पाद का विज्ञापन व्हाट्सऐप उपयोगकर्ता के इंस्टाग्राम खाते पर भेज सकता है।
सरकार ने मंगलवार को निजता नीति के दोहरे मापदंडों को लेकर फेसबुक पर हमला बोला। कंपनी के निजता मापदंड यूरोप में ज्यादा कड़े नियम हैं, लेकिन भारत में ढीले हैं। सरकार ने इस अंतर की वजह का जवाब मांगा है। सूत्रों का कहना है कि फेसबुक की अद्यतन निजता सेवा शर्तें भारत के नियमों के अनुरूप हैं। हालांकि फेसबुक इसे लेकर पहले से ही कोई कदम नहीं उठा सकती है कि देश के प्रस्तावित डेटा निजता विधेयक में क्या प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इस विधेयक पर अभी चर्चा चल रही है। इस प्रस्तावित कानून में यूरोप के कुछ कड़े निजता नियमों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। सूत्रों का कहना है कि इस समय व्हाट्सऐप की भारत में निजता की शर्तें अमेरिका के ज्यादा समान हैं। इस घटनाक्रम से परिचित लोगों का कहना है कि भारत में यह विवाद पैदा होने के बावजूद व्हाट्सऐप के ग्राहक (40 करोड़) आधार पर कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन यह रुझान साफ है कि व्हाट्सऐप के उपयोगकर्ता ने अन्य प्रतिस्पर्धी ऐप (सिग्नल और टेलीग्राम) डाउनलोग कर लिए हैं, जिसका पता उनके दैनिक डाउनलोड से चलता है।
फेसबुक ने व्हाट्सऐप पे को भी धीमी रफ्तार से शुरू कर रही है। यह इंटरफेस को सुधार रही है और अन्य बैंकों से गठजोड़ कर रही है। जानकारों का कहना है कि कंपनी को केवल दो करोड़ ग्राहक जोडऩे की मंजूरी दी गई है, इसलिए यह यूपीआई पेमेंट कारोबार में एक छोटी कंपनी रहेगी। इस वजह से यह तेजी से ग्राहक संख्या बढ़ाने की हड़बड़ी में नहीं है और सेवा की डिलिवरी को सुधारने पर ध्यान दे रही है। देश में 10 करोड़ से अधिक यूपीआई पे ग्राहकों का बाजार है, जिसमें करीब 80 फीसदी लेनदेन हिस्सेदारी के साथ फोन पे और गूगल पे का दबदबा है। पेटीएम उनसे काफी दूर तीसरे नंबर पर है। पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा व्हाट्सऐप की नई निजता शर्तों के खिलाफ मुखर हैं।
कंपनी का इस साल जोर अपनी बहुत सी सेवाओं की पहुंच एवं पेशकश को मजबूत करने पर रहेगा, जो उसने पिछले साल पेश की हैं। इनमें से एक रील्स ऑन इंस्टाग्राम है। यह एक शॉर्ट वीडियो पेशकश है, जिसे टिक-टॉक पर रोक के बाद पेश किया गया। इसका मुकाबला एमएक्स टका टक और जोश आदि के साथ है। यह डाउनलोड के मामले में शीर्ष 10 में शामिल हैं। इससे इंस्टाग्राम को 12 करोड़ से अधिक ग्राहक हासिल करने में मदद दी है।