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इक्विटास, उज्जीवन : जल्द पूरी हो सकती है पुरानी मांग

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:52 PM IST

अपनी लघु वित्त बैंक (एसएफबी) इकाइयों को सूचीबद्घ कराने के बाद इक्विटास और उज्जीवन, उनके एसएफबी और होल्डिंग कंपनियों के लिए अब कुछ राहत मिल सकती है। शुक्रवार को (बाजार बंद होने के बाद) मोहंती समिति ने यह सुझाव दिया कि होल्डिंग कंपनी मॉडल सभी बैंकों के लिए अनवार्य नहीं है, जिसके बाद दो एसएफबी के शेयर सोमवार के कारोबार में तेजी से बढ़े और इनमें 12 से 20 प्रतिशत के बीच तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में दो कारणों से तेजी आ सकती है।
पहला, इससे होल्डिंग कंपनी और एसएफबी को समाप्त करने की अनुमति मिली है, हालांकि कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का कहना है कि प्रक्रिया में इन बैंकों को नियामक के समक्ष आवेदन करने की जरूरत हो सकती है। दूसरा, प्रवर्तक हिस्सेदारी दोनों बैंकों में मौजूदा 80 प्रतिशत से नीचे आ सकती है।
इक्विटास एसएफबी की शेयर कीमत (37.35 रुपये) उज्जीवन एसएफबी (40 रुपये प्रति शेयर) से कम है। मूल्यांकन के संदर्भ में, दोनों के बीच अंतर अपेक्षाकृत बड़ा है – इक्विटास एसएफबी के लिए वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित बुक के 1.3 गुना और उज्जीवन एसएफबी के लिए वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित बुक के 1.9 गुना पर। उज्जीवन एसएफबी का महंगा मूल्यांकन उसकी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता की वजह से है। सितंबर तिमाही में, 0.1 प्रतिशत शुद्घ एनपीए अनुपात के साथ, उज्जीवन ने इक्विटास के 1.03 प्रतिशत को मात दी। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि बहीखाते के तेज विविधीकरण के बगैर, उज्जीवन एसएफबी का शेयर अपनी चमक खो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है, ‘बैंक का दीर्घावधि परिदृश्य उसकी देनदारी क्षमता में सुधार और सूक्ष्म वित्त (एमएफआई) बुक से परिसंपत्ति संबंधित उत्पाद विविधता पर निर्भर है।’ नोमुरा के विश्लेषकों ने भी इसी तरह की राय जाहिर की है। उनका मानना है कि इक्विटास एसएफबी चिंताओं से उबर सकता है, लेकिन उज्जीवन एसएफबी के साथ ऐसा नहीं है। इक्विटास के काफी हद तक अव्यवस्थित बहीखाते – कम एमएफआई संकेंद्रित (कुल ऋणों का 26 प्रतिशत)- के साथ बैंक अच्छी स्थिति में हैं। वाहन वित्त, लघु व्यवसाय ऋणों और आवासीय ऋणों में विविधता से उसकी कुल दक्षता को दूसरी तिमाही में सुधार कर 94 प्रतिशत करने में मदद मिली। उज्जीवन एसएफबी को 75 प्रतिशत ताकत एमएफआई ऋणों से मिल रही है और उसने अब धीरे धीरे सुधार दर्ज किया है।
दूसरी तिमाही में उसकी संग्रह क्षमता सुधरकर 86 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, और असम जैसे दबाव वाले एमएफआई क्षेत्र ग्रे एरिया हो सकते हैं। चूंकि उज्जीवन ने विविधता पर जोर दिया है, जिससे हालात इक्विटास के पक्ष में दिख सकते हैं और दोनों शेयरों के बीच मूल्यांकन अंतर आखिरकार सीमित हो सकता है।

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First Published - November 25, 2020 | 11:33 PM IST

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