कंपनी मामलों के मंत्रालय के जांच दायरे में आने के बाद एडुकॉम्प के शेयरों में तेज गिरावट का रुख रहा और आरंभिक कारोबार में ही कंपनी के शेयरों में 15 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
हालांकि कंपनी ने अकाउंट परीक्षण मानक पर उठ रहे सवालों के बाबत मंगलवार को अपना रुख स्पष्ट किया। बीएसई में शुरुआती कारोबार के दौरान एडुकॉम्प के शेयर गिरकर 1450 रुपये के दिन के निचले स्तर को छू गया।
हालांकि कारोबार सामप्ति पर यह 12.28 फ ीसदी गिरकर 1490.05 रुपये पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शुरुआती कारोबार के दौरान एडुकॉम्प 17 प्रतिशत घटकर 1,415 रुपये के दिन के निम्नतम स्तर को छू गया। बाद में कारोबार की समाप्ति पर यह 1,483.95 रुपये पर जा पहुंचा, जो 12.98 प्रतिशत की गिरावट को प्रदर्शित करता है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मौजूदा समय में बाजार में मंदी का रुख है और मौजूदा बाजार स्थिति में कोई भी नकारात्मक खबर से तेज गिरावट का रुख कायम हो सकता है। कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता ने सोमवार को कहा था कि सरकार ने एडुकॉम्प के साथ-साथ छह अन्य सरकारी कंपनियों के खातों की जांच का आदेश दिया है।
कंपनी रजिस्ट्रार कंपनी कानून के संभावित उल्लंघनों की जांच करेगी तथा किसी भी कंपनी के कानून द्वारा निर्दिष्ट मानदंड का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर मुकदमा चलाया जाएगा। इससे भी कंपनी के शेयरों पर असर पड़ा है।
इस बीच, कंपनी के अकाउंट परीक्षण मानक पर उठे सवालों को दूर करने की कोशिश के तहत एडुकॉम्प सॉल्युशंस ने मंगलवार को अपना पक्ष स्पष्ट किया। कंपनी ने बताया कि कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ अकाउंटिंग में अपनाए जा रहे मानकों को स्पष्ट करने के लिए वह कई कदम उठाने जा रही है।
कंपनी इसके लिए काफी मुस्तैदी से कई योजनाओं पर काम कर रही है। उसने यह भी बताया कि बहुत ही जल्द ग्रांट थॉर्नटन को आंतरिक ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। अपने शेयरधारकों को भेजे पत्र में कंपनी ने कहा है कि उसके अकाउंटिंग मानकों से संबंधित हालिया अफवाहें प्रतिद्वंद्वियों की साजिश हो सकती है। इसके पीछे कपंनी के शेयरों के भाव और कंपनी के लाभ नीचे गिराना हो सकता है।
कंपनी ने बताया कि अब उस पर अपना कारोबार बढ़ाने के साथ ही नए कॉरपोरेट मानक स्थापित करने, पारदर्शिता लाने और खातों की सूचनाएं सार्वजनिक करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी है। इससे अफवाहों पर विराम लगेगा और कंपनी की साख सुरक्षित रह सकेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसने पिछले हफ्ते दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।